5 जुलाई को डिग्री कॉलेजों में शिक्षाकर्मियों का प्रदर्शन

5 जुलाई को डिग्री कॉलेजों में शिक्षाकर्मियों का प्रदर्शन जे टी न्यूज, पटना :
बिहार के 220 संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी 5 जुलाई को धरना-प्रदर्शन और काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे। यह आंदोलन फैक्टनेब (बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ) के बैनर तले किया जा रहा है।

माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अनदेखी पर आक्रोश

फैक्टनेब के अध्यक्ष डॉ. शंभुनाथ प्रसाद सिन्हा, महासचिव प्रो. राजीव रंजन और मीडिया प्रभारी प्रो. अरुण गौतम ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि:

पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए न्यायादेश के बावजूद सरकार की उदासीनता चिंताजनक है। शिक्षाकर्मियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है।”

प्रमुख मांगें जो बनीं आंदोलन की वजह:

1. वेतन और पेंशन का नियमित भुगतान (उच्च न्यायालय के आदेशानुसार)
2. 2015–18 के बीच के आठ सत्रों की बकाया अनुदान राशि का एकमुश्त भुगतान
3. अनुदान हेतु विभागीय पोर्टल को तत्काल पुनः चालू करना
4. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की अनुदान राशि शीघ्र स्थानांतरित करना
5. जयप्रकाश विश्वविद्यालय में अनुदान राशि के वितरण में हो रही बाधा का समाधान
6. विश्वविद्यालयों को भेजी गई राशि कॉलेजों तक समय पर पहुँचाना

आंदोलन का विस्तार: चरणबद्ध कार्यक्रम की घोषणा

5 जुलाई: सभी महाविद्यालय परिसरों में धरना-प्रदर्शन और काला बिल्ला लगाकर कार्य

15 जुलाई: राज्य के सभी विश्वविद्यालय मुख्यालयों पर एकदिवसीय विरोध प्रदर्शन

22 जुलाई: बिहार विधानमंडल के समक्ष महाधरना एवं “वेतन-पेंशन भुगतान करो” संकल्प सभा

25 हजार शिक्षाकर्मियों की हुंकार

फैक्टनेब ने स्पष्ट कहा है कि यदि सरकार अब भी मौन रही तो राज्यभर के 25,000 से अधिक शिक्षाकर्मी निर्णायक संघर्ष के लिए विवश होंगे। यह मुद्दा अब केवल अधिकार का नहीं, आस्तित्व और गरिमा का है।

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