दुर्गा प्रसाद सिंह उजियारपुर की पहचान, जनसेवा का प्रतीक (2010–2015)
दुर्गा प्रसाद सिंह उजियारपुर की पहचान, जनसेवा का प्रतीक (2010–2015)

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: जब 2010 में दुर्गा प्रसाद सिंह ने उजियारपुर विधानसभा की जिम्मेदारी संभाली, तब क्षेत्र में विकास और जनसंपर्क की एक नई परंपरा शुरू हुई।
वे केवल विधायक नहीं, बल्कि लोगों के बीच
रहने वाले जनसेवक के रूप में जाने गए।
प्रमुख कार्य और योगदान (2010–2015)
1. सड़क और संपर्क मार्गों का निर्माण:–
उजियारपुर प्रखंड के कई गाँवों — देसुआ, पतेली, मुगही, मोरसंड, विद्यापतिनगर क्षेत्र — में ग्रामीण सड़कों का जीर्णोद्धार कराया, जिससे आवागमन आसान हुआ।
2. शिक्षा के क्षेत्र में सुधार:-
विद्यालयों में भवन विस्तार, बाउंड्री वॉल, और प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के लिए नई सुविधाओं की व्यवस्था की।
विशेष रूप से *मध्य विद्यालय देसुआ पतेली* को बेहतर स्थिति में लाने की पहल उनके कार्यकाल में हुई।
3. सिंचाई और नहर मरम्मत कार्य:–
पुराने नहर तंत्रों की मरम्मत और किसानों को सिंचाई की सुविधा दिलाने के लिए विभागों पर लगातार दबाव बनाया।
4. सामुदायिक भवन और स्वास्थ्य उपकेंद्र:–
उजियारपुर, रामपुर जलालपुर और अन्य पंचायतों में सामुदायिक भवन और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया।
5. जनसंपर्क और सुनवाई परंपरा:–
दुर्गा बाबू का दरवाज़ा हर समय जनता के लिए खुला रहता था। बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के उन्होंने हर वर्ग की बात सुनी।
6. सद्भाव और सामाजिक एकता:
वे उजियारपुर में जात-पात से ऊपर उठकर विकास की राजनीति के समर्थक रहे। उनके कार्यकाल में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना दिखी।

जनता की याद में
आज भी कई लोग कहते हैं —वो समय कुछ और था… जब विधायक हमारे बीच बैठकर समस्याएँ सुनते थे।”
अब सवाल जनता से —
क्या उजियारपुर को एक बार फिर दुर्गा_प्रसाद_सिंह जैसे जनप्रतिनिधि की ज़रूरत है?
क्या जनता उन्हें फिर से मौका देना चाहती है ताकि विकास का वह सिलसिला लौट आए?

