पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

पटना। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी और नीट छात्रा की मौत मामले को लेकर बिहार की सियासत उबाल पर है। पप्पू यादव के समर्थकों और विपक्षी खेमे में उनकी गिरफ्तारी पर जबरदस्त आक्रोश है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा खुलकर पप्पू यादव के साथ खड़े होने के बाद बिहार कांग्रेस भी उनके समर्थन में सडक पर उतर गई। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए रविवार को पटना में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में दोपहर एक बजे मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पप्पू यादव पर कार्रवाई ऐसे वक्त में की गई है, जब पटना में नीट की एक छात्रा के साथ रेप के बाद हत्या का मामला सियासी तूफान बन चुका है। पप्पू यादव इस केस को लेकर सरकार और प्रशासन पर लगातार हमलावर थे और यही उनकी गिरफ्तारी की असली वजह बताई जा रही है। विरोध में उतरे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सम्राट चौधरी होश में आओ, पप्पू यादव को रिहा करो,नीतीश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए


दरअसल राहुल गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है कि नीट की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध मौत और उसके बाद की कार्रवाई ने सिस्टम के गहरे षड्यंत्र को उजागर कर दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों को प्रताड़ित किया जा रहा है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है यही भाजपा-एनडीए का मॉडल है। उधर इस मुद्दे पर भाजपा के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार सिंह बबलू ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीखा बयान दिया है। उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को उचित बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी। बबलू ने कहा कि पप्पू यादव के खिलाफ सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों को दबाकर रखा गया था, जिसके कारण समय पर कार्रवाई नहीं हो सकी।

भाजपा विधायक ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि समाज में सही संदेश जा सके। उन्होंने राजनीति में आपराधिक छवि वाले लोगों के आने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के लिए यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने कहा कि जब आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग चुनाव जीतकर संसद और विधानसभा तक पहुंच जाते हैं, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की गरिमा प्रभावित होती है। उन्होंने जनता से अपील की कि मतदान करते समय उम्मीदवार के चरित्र और पृष्ठभूमि पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि स्वच्छ और ईमानदार छवि वाले लोग राजनीति में आगे आ सकें। उन्होंने कहा कि देश में कानून सबके लिए समान है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। यदि किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ आरोप हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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