केन्द्र सरकार के किसान – मजदूर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सीपीएम का 24 मार्च को दिल्ली महारैली – ढ़वले

सोनबरसा कोपा में विशाल जनसभा तो सौर बाजार में कार्यकर्ता समागम

केन्द्र सरकार के किसान – मजदूर जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सीपीएम का 24 मार्च को दिल्ली महारैली – ढ़वले

सोनबरसा कोपा में विशाल जनसभा तो सौर बाजार में कार्यकर्ता समागम

जे टी न्युज, सहरसा :
अगामी 24 मार्च 026 को सीपीआईएम के द्वारा आहूत दिल्ली रैली की सफलता हेतु देश के कोने कोने में पार्टी का जन आक्रोश जत्था का आयोजन किया गया है।जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय नेता खुद शिरकत कर रहे हैं। बिहार में भी राष्ट्रीय नेताओं के नेतृत्व में 5 जत्था चल रहा है। जिस कड़ी में आज पार्टी के राष्ट्रीय नेता पोलित ब्यूरो सदस्य सह बिहार प्रभारी कामरेड डॉo अशोक ढवले के नेतृत्व में एक जत्था विभिन्न जिलों से होते हुए सहरसा पहुंचा,जिसमें पार्टी राज्य सचिव कामरेड ललन चौधरी,राज्य सचिवमंडल सदस्य बिनोद कुमार और राज्य सचिव मंडल सदस्य सह सहरसा पार्टी जिला सचिव रणधीर यादव सहित कई राज्य स्तर के नेता शामिल थे।जन आक्रोश जत्था की अगवानी हेतु सोनबरसा अंचल के पार्टी कार्यकर्ता दर्जनों चार चक्के और बाइक के काफिले के साथ माली चौक सुबह 10 बजे ही पहुंच गए।जैसे ही कामरेड डॉ अशोक ढवले का जत्था उक्त स्थल पर पहुंचा, सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने गगनभेदी नारेबाजी के साथ ही जत्थे में शामिल नेताओं को फूल मालाओं से स्वागत किया


स्वागत के बाद काफिले के साथ जत्था कोपा दुर्गा स्थान पहुंचा। जहां पूर्व से इंतजार कर रहे हजारों साथियों ने उत्साहवर्धक स्वागत किया। बाद में कामरेड माखन साह की अध्यक्षता एवं कामरेड गुरूदेव शर्मा के संचालन में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीपीआईएम पोलित ब्यूरो सदस्य कामरेड डॉ अशोक ढवले ने कहा कि अमेरिकी साम्राज्यवाद पूरी दुनिया के विकासशील देशों की खनिज संपदा पर कब्जा करने हेतु लगातार एक के बाद एक देशों पर हमले कर रहा है। कुछ दिन पूर्व रात के अंधेरे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इशारे पर अमेरिकी सेना ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सोए हुए अवस्था में रात को उठा कर अमेरिका ले जाकर जेल में बंद कर दिया। तब से वेनेज़ुएला के तेल पर कब्जा कर उसका अपने मन माफिक इस्तेमाल कर रहा है।उन्होंने कहा उसी नियत से अभी 15 दिन पहले अमेरिका और इजराइल एक साथ मिल कर ईरान पर एकतरफा हमला कर वहां के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खूमनेई को परिवार सहित हत्या कर दिया। ईरान की बहादुर जनता और सेना एकताबद्ध तरीके से इस कायरतापूर्ण हमले का मुंहतोड़ जवाब दे रही है,जिससे युद्ध भीषण रूप ले लिया है।

पूरामिडिलिस्ट इस युद्ध के जद में है और धीरे धीरे युद्ध का क्षेत्र बढ़ता ही जा रहा है। लाखों लोगों की जाने अमेरिकी और इजरायली हमले में जा रही है।इस युद्ध के चलते तेल और गैस के उत्पादन पर भारी प्रभाव पड़ रहा है,जिससे बिहार सहित पूरे देश में लोग गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं।जाहिर सी बात है ऐसे में वैश्विक मंदी भी अवश्यंभावी है। केन्द्र की मोदी सरकार ऐसे विकट परिस्थिति में दुनिया के देशों में जो भारतीय फंसे हैं,उन्हें निकालने एवं युद्व के चलते भारत पर पड़ने वाले कुप्रभाव से निपटने को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं दिखती। मोदी सरकार ने भारत के वैदेशिक नीतियों को एक तरह से अमेरिकी परस्त बना दिया,जिस कारण हमारे सभी पुराने मित्र राष्ट्र जिससे हमें सस्ते तेल,गैस और दूसरे सामान मिल रहे थे,उसके लिए अमेरिका के आदेश का इंतजार करना पड़ता है।

नरेन्द्र मोदी सरकार की नीतियों के चलते देश में महंगाई आसमान छू रहा है।जिसके चलते आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।किसानों के फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानून के दायरे में लाना सरकार के एजेंडे से बाहर हो गया है।किसानों के किसानी में उपयोग होने वाले सभी समानों पर से सब्सिडी खत्म कर दिया गया है,जिससे किसानी घाटे का सौदा हो गया है।चार लेबर कोर्ड जो केन्द्र की सरकार ने लाया है,उसके चलते एक बार फिर से मजदूरों के वो सभी अधिकार खतरे में है,जिसे उसने अपने संगठित संघर्ष के दम पर खून की कीमत देकर सैकड़ों साल पहले हासिल किया था।मसलन यूनियन बनाने और उसके आधार पर अपने वाजिब हक के लिए संघर्ष करने का अधिकार शामिल था,वो खत्म कर दिया गया है।बिजली बिल अधिनियम जो केन्द्र सरकार का प्रस्तावित है,उसके लागू होते ही किसानों को किसानी में मिलने वाली बिजली बहुत महंगी हो जाएगी।उन्होंने कहा मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के नाम को जी वी जी राम जी करके ना सिर्फ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति अपनी गोडसेवादी नीतियों को दर्शाया है,बल्कि रोजगार गारंटी योजना में पैसे कम कर उसे कमजोर करने की भी कोशिश किया है,जिससे ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों के सामने भुखमरी की समस्या खड़ा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।ऐसे में आम जनों को मोदी सरकार पर जन दबाव पैदा करने के लिए 24 मार्च 026 को दिल्ली में सीपीआईएम द्वारा आहूत रैली को ऐतिहासिक बनाना होगा।
पार्टी राज्य सचिव कामरेड ललन चौधरी ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गया है।हत्या,लुट और छोटी बच्चियों से लेकर बूढ़ी औरतें आज बलात्कार कर हत्या की शिकार हो रही है।

बढ़तीहुई बेरोजगारी के चलते पलायन बिहार में नासूर साबित हो रहा है। बिहार की डबल इंजन की सरकार इस समस्याओं के समाधान करने के बजाय ऑपरेशन लोटस की शिकार हो रही है। भाजपा किसी भी तरह से बिहार की गद्दी हथियाना चाहती है।पार्टी राज्य सचिवमंडल सदस्य बिनोद कुमार ने कहा बिहार में लाखों स्कूली रसोईया आज भी महज 80 रुपए प्रतिदिन की मजदूरी पर काम करने के लिए बेबस है।यही दुर्दशा आंगनबाड़ी सेविका,सहायिका,आशा,ममता,सफाई कर्मी और दूसरे स्किल वर्करों का है।उन्होंने कहा बिहार की पूर्ववर्ती सरकार बेघर भूमिहीनों को बसने के लिए 5 डिसमिल जमीन देने का निर्णय लिया था,जिस पर कुछ हद तक सर्वे भी कराया गया था,मगर आज डबल इंजन की सरकार उन बेघरों को तो जमीन नहीं ही उपलब्ध करा रही है,उल्टे वर्षों से पूरे बिहार में लाखों बेघर भूमिहीन जो सरकारी,बेनामी या हदबंदी से फाजिल बाली जमीन पर बस कर रहते चले आ रहे हैं,बिहार की डबल इंजन वाली सरकार उन्हें बासगीत का पर्चा देने के बजाय उन्हें बुलडोज करने में लगी है। पार्टी जिला सचिव रणधीर यादव ने कहा बिहार की सरकार बरसों बरस से कह रही है कि भुमीहीन परिवार को बसेरा योजना के तहत बास की जमीन और पर्चा दिया जाएगा, जिससे पूर्व में सीलिंग एक्ट, भुदान कमेटी या किसी प्रकार का पर्चा की जमीन दी गई है अगर पर्चा धारी बेदखल है तो दखल दिहानी दिलाई जाएगी तथा जिसका जमाबंदी कायम कर लगान रसीद नहीं काटा गया है उसको जमाबंदी कायम करते लगान रसीद काटा जाएगा लेकिन सरकार की तमाम बातें ढ़ाक के तीन पात वाली कहानी साबित हो रही है। इन तमाम समस्याओं को लेकर सीपीआईएम के 24 मार्च 026 की दिल्ली रैली में बड़ी संख्या में शामिल होकर जन दबाव पैदा करना होगा।

जनसभा को उपरोक्त चारों राष्ट्रीय व राज्य नेता के अलावा सोनबरसा पार्टी अंचल सचिव कामरेड इन्द्रदेव प्रसाद इन्दू, मिथिलेश कुमार सिंह, कृष्ण दयाल यादव, शकील अहमद खां, अजय कुमार सिंह,असफाक अंसारी,रामचन्द्र महतो, जवाहर यादव, कारी मुखिया, अशोक केसरी, माहेश्वर यादव, यशोधर मंडल सरपंच, नसीमुद्दीन , बुधन मुखिया, उपेन्द्र महतो, गजेन्द्र मुखिया, कृष्ण देव पासवान, विष्णुदेव सादा, डॉ रामरेख यादव, नौशाद आलम ,संजू देवी, आदि वक्ताओं ने संबोधित करते भारी संख्या में दिल्ली रैली में भाग लेने का अपील करते जाने का संकल्प लिया।

सभा समाप्ति के बाद जन आक्रोश जत्था की टीम सौर बाजार के लिए प्रस्थान किया । श्वेता विवाह भवन सौर बाजार के सभा भवन में आयोजित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता समागम कामरेड ब्यास प्रसाद यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। सीपीएम पोलित ब्यूरो सदस्य कामरेड अशोक ढ़वले, पार्टी राज्य सचिव कामरेड ललन चौधरी, पार्टी राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड बिनोद कुमार एवं पार्टी जिला सचिव कामरेड रणधीर यादव सहित तमाम वक्ताओं ने देश दुनिया की हालत पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते केन्द्र सरकार के किसान मजदूर विरोधी जन विरोधी नीतियों और आमजन की लूट पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने केन्द्र सरकार के खिलाफ 24 मार्च दिल्ली रैली में हजारों की संख्या में भाग लेने का अपील किया।अन्त में सभी अंचलों के प्रमुख नेताओं को दिल्ली रैली तैयारी और जत्था को ले जाने हेतु साथियों के बीच जवाबदेही तय की गयी। कार्यकर्ता समागम में अंचल सचिव रमेश यादव, ब्यास प्रसाद यादव, कुलानन्द कुमार, मिथिलेश कुमार सिंह,अजय कुमार सिंह, केशव कुमार, प्रिया कुमारी, माला देवी, सकुनी देवी,पुजा कुमारी, डोमी पासवान, मनोज शर्मा, पवन सादा, रमेश शर्मा, नसीमुद्दीन ,आदि नेताओं ने भी अपना विचार व्यक्त करते दिल्ली रैली में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेने का संकल्प लिया।

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