शिक्षा ही समाज के अंधेरे को दूर करने वाली मशाल: डॉ. शशि भूषण शशि

समस्तीपुर कॉलेज के प्राचार्य व शिक्षकों ने बेगमपुर पहुंचकर किया सम्मानित

शिक्षा ही समाज के अंधेरे को दूर करने वाली मशाल: डॉ. शशि भूषण शशि

समस्तीपुर कॉलेज के प्राचार्य व शिक्षकों ने बेगमपुर पहुंचकर किया सम्मानित

 

जे टी न्यूज, समस्तीपुर: प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती और अभावों में भी जो संघर्ष करना जानते हैं, मंजिल उनके कदम चूमती है। इसी कहावत को चरितार्थ किया है वारिसनगर प्रखंड के ग्राम बेगमपुर निवासी शमशेर अख्तर ने। बिहार मैट्रिक परीक्षा में राज्य के ‘टॉप टेन’ की सूची में छठा स्थान हासिल करने वाले शमशेर की इस गौरवशाली उपलब्धि पर समस्तीपुर कॉलेज, समस्तीपुर के प्राचार्य और वरिष्ठ शिक्षकों ने छात्र के पैतृक आवास पहुंचकर उसे सम्मानित किया और हौसला अफजाई की।
इस अवसर पर समस्तीपुर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. शशि भूषण शशि ने शमशेर की सफलता को पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “शिक्षा वह अनमोल रत्न है जो समाज के हर अंधेरे को दूर करने की शक्ति रखती है। शमशेर ने यह साबित कर दिया कि सफलता संसाधनों से नहीं, बल्कि अडिग संकल्प और निरंतर परिश्रम से मिलती है। समस्तीपुर कॉलेज परिवार ऐसे मेधावी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।”


वहीं, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. महेश कुमार चौधरी और उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद सफवान सफवी ने शमशेर को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर पारंपरिक अंदाज में उसकी मेहनत को सराहा। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जो किसी भी पिछड़े समाज को उन्नति के शिखर पर पहुंचा सकता है।
अभावों के बीच संघर्ष की मिसाल:
शमशेर के पिता स्वर्गीय मोहम्मद जहांगीर अंसारी के असामयिक निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। ऐसे में उसकी मां तरन्नुम परवीन ने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत व मजदूरी कर अपने बेटे की पढ़ाई जारी रखी। उनकी इस तपस्या का फल आज पूरे बिहार के सामने है। शमशेर ने उर्दू, गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों में 99-99 अंक प्राप्त कर कुल 485 (97%) अंकों के साथ इतिहास रचा है।


डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा का संकल्प:
अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय शमशेर ने अपनी माता की दुआओं और अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया। भावुक होते हुए शमशेर ने कहा, “मेरे स्वर्गीय दादा अख्तर अंसारी का सपना था कि मैं बड़ा अफसर या डॉक्टर बनूं। आज वे हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी प्रेरणा ही मुझे यहां तक लाई है। मैं भविष्य में डॉक्टर बनकर उन गरीबों की सेवा करना चाहता हूं जिनके पास इलाज के पैसे नहीं होते।”
इस सम्मान समारोह के दौरान शमशेर के परिवार के सदस्य मोहम्मद शाहिद अंसारी, मोहम्मद अरशद अंसारी, मोहम्मद फैयाज अंसारी, मोहम्मद शाहजहां अंसारी, मोहम्मद रजी अंसारी, मास्टर कमलेश कुमार और ग्रामीण निहाल असगर, हामिद हुसैन, राशिद हुसैन, शबाना खातून सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने शमशेर की इस ऐतिहासिक जीत पर हर्ष व्यक्त किया।

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