लक्ष्मीपुर पंचायत भवन बना श्रम सम्मान का मंच, संवाद से जुड़ीं उम्मीदें और अधिकार की आवाज
लक्ष्मीपुर पंचायत भवन बना श्रम सम्मान का मंच, संवाद से जुड़ीं उम्मीदें और अधिकार की आवाज
जे टी न्यूज, कुर्साकांटा (अररिया)

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर कुर्साकांटा प्रखंड के लक्ष्मीपुर पंचायत भवन में एक अलग ही तस्वीर उभरकर सामने आई—जहां मंच नहीं, बल्कि संवाद केंद्र में था और सम्मान का केंद्र थे वे हाथ, जो देश की असली ताकत हैं।
इस अवसर पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने श्रमिक भाइयों और बहनों के साथ सीधा संवाद कर न केवल उनकी बात सुनी, बल्कि उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की रीढ़ बताया।
सांसद ने श्रमिकों को सम्मानित करते हुए कहा कि “भारत की तरक्की किसी बड़े भवन या नीति से नहीं, बल्कि उन मेहनतकश हाथों से तय होती है, जिनका पसीना इस देश की नींव को मजबूत करता है।”
कार्यक्रम के दौरान माहौल भावनात्मक भी रहा और प्रेरणादायक भी। श्रमिकों के चेहरे पर सम्मान की चमक थी, तो संवाद में उनकी उम्मीदों की झलक साफ दिखाई दी। रोजगार, जीवन स्तर और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
सांसद ने भरोसा दिलाया कि श्रमिकों के अधिकारों और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर स्तर पर पहल जारी रहेगी।
लक्ष्मीपुर का यह आयोजन एक संदेश देकर गया—जब मेहनत को सम्मान मिलता है, तभी विकास को असली गति मिलती है। मजदूर सिर्फ श्रमिक नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के निर्माता हैं।


