दिल्ली में मजदूर की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, न्याय और मुआवजे की मांग तेज
दिल्ली में मजदूर की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, न्याय और मुआवजे की मांग तेज
जे टी न्यूज, पूर्णिया

एक ओर देश भर में 1 मई को मजदूर दिवस मनाया गया, वहीं दूसरी ओर पूर्णिया में यह दिन सियासी आक्रोश और विरोध प्रदर्शन के रूप में सामने आया। दिल्ली में कथित रूप से एक बिहारी मजदूर की हत्या की घटना को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अफजाल आलम के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कुमारा आदित्य, महिला जिला अध्यक्ष मुन्नी मरांडे सहित कई कांग्रेसी नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर आक्रोश जताया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी नेता ई. दिवाकर सिंह उर्फ दिवाकर यादव ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “सरकार रोजगार देने में असफल है, लेकिन मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाले बिहारी युवाओं के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवाद के नाम पर समाज में विभाजन की कोशिश हो रही है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी। “बिहारी मजदूर देश के हर कोने में अपनी मेहनत से पहचान बनाते हैं, उनके साथ इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए चिंता का विषय हैं,” उन्होंने जोड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय और उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*निष्कर्ष*
मजदूर दिवस पर उठी यह आवाज सिर्फ एक घटना का विरोध नहीं, बल्कि मेहनतकश वर्ग की सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई का प्रतीक बनती जा रही है।
