भारत का छात्र फेडरेशन जयनगर अनुमंडल इकाई की बैठक संपन्न

भारत का छात्र फेडरेशन जयनगर अनुमंडल इकाई की बैठक संपन्न

छात्र अधिकारों को लेकर संघर्ष तेज करने का लिया निर्णय

जे टी न्यूज, जयनगर (मधुबनी) :
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) जयनगर अनुमंडल इकाई की बैठक आज आर्यकुमार पुस्तकालय सभागार में एक बैठक आहूत की गई जिसकी अध्यक्षता सृजन ने की। बैठक में 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।बैठक को पूर्व छात्र नेता चंदेश्वर प्रसाद एवं कुमार राणा प्रताप सिंह ने छात्र छात्राओं से अपील की एकता में ही बल होता है SFI भारत का सबसे बड़ा छात्र संघटन है जिसका आप सभी सदस्य है स्कूल कॉलेजो में हो रहे छात्रों के साथ दुर्व्यवहार एवं शिक्षा का निजीकरण ,शुल्क बढ़ोतरी ,स्कूल कॉलेजो में मूल सुविधा के लिए ही आपका संघर्ष होना चाहिए वर्तमान समय मे बिहार के नालन्दा जिले में SFI के राज्य अध्यक्ष क्रांति कुमारी के ऊपर पुलिसिया दमन एवं गिरफ्तारी इसलिए हुआ कि वह प्रखंड मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की मांग कर रही थी । भारत सरकार एवं बिहार सरकार मिलकर बिहार के अंदर में सरकारी स्कूल एवं कॉलेज बन्द करने की योजना बना रही है और निजीकरण की ओर बढ़ने का कार्य किया जा रहा है जिससे मध्यम एवं गरीब तबके के छात्र छात्राये शिक्षा से वंचित हो सकते है इसलिए आप सभी को शिक्षा की।लड़ाई तेज करने की आवश्यकता है ।केशव कुमार, राहुल कुमार यादव, पप्पू प्रभाकर एवं अनीश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि एसएफआई छात्रों के अधिकारों, समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में संगठन को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा अधिक से अधिक छात्रों को एसएफआई से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा।बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठाई गई कि जिले के सभी विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जाए, खेल-कूद एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की समुचित व्यवस्था की जाए, सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले फंड का उपयोग विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के आधारभूत ढांचे के विकास में किया जाए तथा छात्रों से होने वाली अवैध एवं अनावश्यक पैसों की वसूली पर रोक लगाई जाए।रोक नही लगाई गई तो आने बाल दिनों में मांगों को लेकर एसएफआई द्वारा जिले में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।बैठक के अंत में यह घोषणा की गई कि एसएफआई जयनगर अनुमंडल इकाई की यूनिट कमेटी की घोषणा शीघ्र की जाएगी।बैठक के उपरांत महावीर चौक से शहीद चौक तक छात्र-छात्राओं ने एक प्रतिरोध मार्च निकाला। मार्च के समापन पर भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया।

इस दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार की विफलताओं के कारण लगातार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं तथा शिक्षा व्यवस्था का निजीकरण और व्यवसायीकरण कर उसे आम छात्रों की पहुंच से दूर किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा को बाज़ार की वस्तु बनाने की नीतियों का एसएफआई पुरज़ोर विरोध करती है।प्रतिरोध मार्च के दौरान वक्ताओं ने डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे साथियों की गिरफ्तारी की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांति कुमारी सहित 39अन्य साथियों को शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। एसएफआई ने बिहार सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि आंदोलनरत छात्रों की आवाज़ को दमन के बल पर दबाया नहीं जा सकता। संगठन ने मांग की कि कांति कुमारी एवं सभी गिरफ्तार साथियों को अविलंब रिहा किया जाए तथा उनकी लोकतांत्रिक मांगों को स्वीकार किया जाए। बैठक एवं प्रतिरोध मार्च का समापन छात्र एकता, शिक्षा बचाओ और लोकतंत्र बचाओ के नारों के साथ हुआ।

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