पद्म भूषण बिहार रत्न डॉक्टर दुखन राम का 126वीं जयंती समारोह पटना में मनाया गया
पद्म भूषण बिहार रत्न डॉक्टर दुखन राम का 126वीं जयंती समारोह पटना में मनाया गया

जे टी न्यूज, पटना: बिहार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति महान नेत्र चिकित्सक पद्म भूषण ,बिहार रत्न डॉक्टर दुखन राम का 126वीं जयंती समारोह पटना में मनाया गया। उन्होंने देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद के आँख का सफल ऑपरेशन कर देशी चिकित्सीय व्यवस्था का परचम लहराया था। 15 जुलाई 1993 ई .को शाहाबाद इलाके में एक साधारण व्यवसायी परिवार में इनका जन्म हुआ।बचपन से वे तीक्ष्ण बुद्धि के थे।उन्होंने संघर्ष कर डी एल टी की उपाधि कोलकाता विश्वविद्यालय से प्राप्त की और नेत्र रोग चिकित्सक के रूप में ख्याति अर्जित की।वे 1959 ई.में बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति बनाए गए।अपने कार्यकाल में उन्होंने अनेक अविस्मरणीय शैक्षणिक गतिविधि, शोध कार्य एवं साहित्यक अवदानों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़लक पर लाकर विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित कराया।उन्होंने 1962 ई. तक कुलपति के पद को सुशोभित किया।वे आर्य समाज और अखिल भारतीय केसरवानी वैश्य महासभा सहित अनेकों राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के जीवन पर्यंत संरक्षक रहे।उनके दो पुत्र डॉ.देवेंद्र राम एवं डॉ. राजेंद्र राम भी बिहार के नामी चिकित्सक रहे। डॉक्टर दुखन राम जी का निधन 97 वर्ष की अवस्था में 26 अप्रैल 1990 को हो गया। 106वीं जयंती के अवसर प्रदेश के अनेकों शिक्षाविद, राजनीतिज्ञ, चिकित्सक ,व्यवसायी, परिजन एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर दिलीप कुमार केशरी, प्रधानाध्यापक मुकेश कुमार, शिक्षक प्रदुम्न केशरी,सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन केशरी लाली जी आदि ने अपनी श्रद्धा निवेदित की।


