आशा, फेसिलेटर धरना के बीच पहुंचे चैयरमैन संजय यादव आशा ने चैयरमैन एवं अस्पताल प्रभारी पर लगाऐं धमकी धक्का-मुक्की का आरोप जे टी न्यूज झाझा, जमुई : आशा कार्यकर्ता एवं फैसिलेटर के लगातार 17 तारीखसे धरना झाझा रेफरल अस्पताल में जारी है, वही एक बच्चे को हाइपी टाइटस टिका दिलवाने पेरवी करने पहुंचे झाझा नगर परिषद के चैयरमैन संजय यादव ने आशा कार्यकर्ता को ताला खोलने को कहा, परतुं आशा अपने जिद पर अड़ी रही,इस बीच चैयरमेन एवं आशा के बीच तिखी बहस हो गई, आशा कार्यकर्ता के ब्यान अनुसार संजय यादव हम लोगों के धरना का साथ नही देने बल्की धमकी देने आए थे, वही आशा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि रेफरल अस्पताल के प्रभारी हम आशा को धमकी दिया एवं धक्का मुक्की किया, अंचला धिकारी झाझा रेफरल अस्पताल पहुंचे आशा कार्यकर्ता समझाने बुझाने, झाझा थाना अध्यक्षके निदेर्श पर एसआई गुंजन बिहारी एवं महिला पुलिस बल, चैयरमेन संजय यादव, बब्लु सिन्हा, ने आशा फैसिलेटर को समझाने-बुझाने का बहुत कोशिस किया परतुं आशा कार्यकर्ता ने नही बच्चे को भेक्सीन लगने दिया एवं अपने मांग पर कायम है, अंचलाधिकारी के प्रयास से दुसरे जगह बच्चे को सुई दिलवाया गया, सरकार को भी इस विषय पर संज्ञान लेना चाहिए,इन आशा कार्यकर्ता को 1000 रुपये मैं क्या होगा गुजारा,
आशा, फेसिलेटर धरना के बीच पहुंचे चैयरमैन संजय यादव
आशा ने चैयरमैन एवं अस्पताल प्रभारी पर लगाऐं धमकी धक्का-मुक्की का आरोप
जे टी न्यूज

झाझा, जमुई : आशा कार्यकर्ता एवं फैसिलेटर के लगातार 17 तारीखसे धरना झाझा रेफरल अस्पताल में जारी है, वही एक बच्चे को हाइपी टाइटस टिका दिलवाने पेरवी करने पहुंचे झाझा नगर परिषद के चैयरमैन संजय यादव ने आशा कार्यकर्ता को ताला खोलने को कहा, परतुं आशा अपने जिद पर अड़ी रही,इस बीच चैयरमेन एवं आशा के बीच तिखी बहस हो गई, आशा कार्यकर्ता के ब्यान अनुसार संजय यादव हम लोगों के धरना का साथ नही देने बल्की धमकी देने आए थे, वही आशा कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि रेफरल अस्पताल के प्रभारी हम आशा को धमकी दिया एवं धक्का मुक्की किया, अंचला धिकारी झाझा रेफरल अस्पताल पहुंचे आशा कार्यकर्ता समझाने बुझाने, झाझा थाना अध्यक्षके निदेर्श पर एसआई गुंजन बिहारी एवं महिला पुलिस बल, चैयरमेन संजय यादव, बब्लु सिन्हा, ने आशा फैसिलेटर को समझाने-बुझाने का बहुत कोशिस किया परतुं आशा कार्यकर्ता ने नही बच्चे को भेक्सीन लगने दिया एवं अपने मांग पर कायम है, अंचलाधिकारी के प्रयास से दुसरे जगह बच्चे को सुई दिलवाया गया, सरकार को भी इस विषय पर संज्ञान लेना चाहिए,इन आशा कार्यकर्ता को 1000 रुपये मैं क्या होगा गुजारा,