आईआईटी में सफल दानिश मासूम रजा के सम्मान समारोह में लगा बधाइयों का तांता

आईआईटी में सफल दानिश मासूम रजा के सम्मान समारोह में लगा बधाइयों का तांता जे टी न्यूज, विभूतिपुर: विगत दिन बकरीद के मौके पर विभूतिपुर प्रखंड के पतेलिया गाँव में वार्ड न 0 6 निवासी मोहम्मद नूर सलाम के पुत्र और शिक्षक मोहम्मद नवाब के भतीजे मोहम्मद दानिश मासूम रजा ने आईआईटी की परीक्षा में उत्तीर्णता हासिल करने के उपलक्ष्य में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें आमंत्रित पतेलिया पंचायत और आसपास के प्रबुद्ध लोग, स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, और स्थानीय युवा, अभिभावकों ने भाग लिया और इन खास उपलब्धियों के लिए आशीर्वाद दिया.
समारोह की अध्यक्षता और सफल संचालन सेवानिवृत विद्वान शिक्षक टुनटुन निशाकर ने किया l आगत अतिथियों में मे शिक्षक राजा राम महतो,शिक्षक घनश्याम राय, शिक्षक अरविंद दास, सेवानिवृत शिक्षक राम जी मल्लिक, शिक्षक राम लखन राम, मीडिया कर्मी प्रभू नारायण झा, पत्रकार विनय कुमार राय आदि ने अपने संबोधन में दानिश मासूम रजा को बकरीद और उनके कैरियर की बेहतरी के लिए शुभकामनाये दी l मंच पर आसीन मिथिलेश सिंह, मुखिया राज कुमार महतो , समाज सेवी मुकेश कुमार , राज़द के प्रखंड अध्यक्ष रबीन्द् यादव ने दानिश को फूल माला से सम्मानित किया.
अंत मे मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस परवेज आलम ने दानिश और दानिश के अब्बा जान और चाचा शिक्षक मोहम्मद नवाब को भी सम्मानित किया l मोहम्मद आलम ने कहा कि वो भी आईएएस बनने से पूर्व जे पी एन एस हाई स्कूल नरहन से पढ़ाई की और मेरे दूसरे पीढ़ी के छात्र नौजवान शिक्षा के क्षेत्र मे एक से एक बढ़कर उपलब्धियां हासिल कर राष्ट्र की सेवा को अग्रसर है जिससे वो काफ़ी आह्लादित हैं. उनने समाजसेवी सह पत्रकार विनय कुमार राय के संबोधन के उन शब्दो को जिक्र करते हुए कहा कि ये जानकर कि वर्ष 2025 और प्रखंड और पूरे बिहार मे सफलता के उत्कृष्टत मानक को निरंतर रेखांकित होते जाना अल्ला ताला परवरदीगार की नियामत है जो बदस्तूर कायम रहे l ये जानकार कि बेटी साक्षी जो बिहार मैट्रिक परीक्षा में प्रथम स्थान पाकर अपने प्रखंड ही नही अपितु पूरे बिहार का मान सम्मान बढ़ायाl उन्होंने मौजूद छात्र, युवा और अभिभावकों को विश्वास दिलाया कि जब भी इस तरह के मेधावी बच्चे को किसी भी तरह की टूल टेक्निक और टिप्स चाहिए वो सदैव तैयार हैं और आपके बीच हाजिर होंगे l आईएएस परवेज आलम के पिता विद्वान सेवानिवृत शिक्षक मोहम्मद सुभान ने कहा कि जब पिछड़े अति पिछड़े, अल्पसंख्यक, दलित बच्चे और मुफ़लिसी की जिंदगी जी रहे बच्चे जब सफलता के नए आयाम गढते हैं तो हम सभी का छाती चौडा होने के साथ साथ मस्तक भी ऊंचा होता है. पिता नूर सलाम से इस बाबत जे 0 टी 0 न्यूज के पत्रकार कि पूछा कि बेटे की इंजिनीयर बने जाने पर कैसा महसूस करते हैं के जवाब में कहा कि मैं तो एक साधारण बिजनेस मेन हूं फिर भी अब एक इंजिनीयर के पिता के रूप में जाना जाऊँगा l चाचा मोहम्मद नवाब और दादा शाहजहां के के आँखों में खुशी के आंसू झलक रहे थे l

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