शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नुसरत जहां को मिला बिहार केसरी सम्मान-2026

विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए हुईं सम्मानित

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए नुसरत जहां को मिला बिहार केसरी सम्मान-2026

विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए हुईं सम्मानित

जे टी न्यूज, सीतामढ़ी/शिवहर : शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य के लिए शिवहर जिला के उच्च माध्यमिक विद्यालय कमरौली की प्रधानाध्यापिका सुश्री नुसरत जहां को बिहार केसरी सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया। शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में उनके उल्लेखनीय प्रयासों को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सरगम कला एवं समाज कल्याण मंच की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में शिक्षा एवं समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया था। इसी क्रम में नुसरत जहां को विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए बिहार केसरी सम्मान-2026 के लिए चुना गया।
हालांकि सम्मान समारोह के दिन किसी कारणवश सुश्री नुसरत जहां उपस्थित नहीं हो सकी थीं। ऐसे में उन्हें बाद में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री तथा जदयू नेता श्रवण कुमार के हाथों यह सम्मान प्रदान किया गया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में आयोजित सम्मान कार्यक्रम के दौरान नुसरत जहां ने सम्मान को अपने लिए गौरव के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और समाज में शिक्षा एवं जागरूकता की भावना को मजबूत करना है।


शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता पर जोर
प्रधानाध्यापिका नुसरत जहां द्वारा विद्यालय में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक एवं जागरूकता अभियानों को भी प्राथमिकता दी जाती रही है। विद्यार्थियों को बाल श्रम, साइबर सुरक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करने की दिशा में उनके प्रयास सराहनीय रहे हैं।
विद्यालय और आसपास के क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया है। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों को जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है।
सम्मान प्राप्त करने पर नुसरत जहां ने सरगम कला एवं समाज कल्याण मंच तथा संस्था से जुड़े विश्वमोहन चौधरी”संत” के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि विद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा एवं समाज के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने वाले सभी लोगों का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि बिहार केसरी सम्मान-2026 उन्हें भविष्य में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

उनका प्रयास रहेगा कि विद्यालय के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता, अनुशासन, जिम्मेदारी और बेहतर नागरिक बनने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाए।

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