निजीकरण करने से भी जर्जर विद्युत व्यवस्था में सुधार नही। ब्यूरो रमेश शंकर झा समस्तीपुर बिहार।

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ब्यूरो रमेश शंकर झा
समस्तीपुर बिहार।

समस्तीपुर:- निजीकरण करने से जर्जर विद्युत व्यवस्था में सुधार होने के कयास गलत साबित हो रहा है। जर्जर तार, पोल, ट्रांसफार्मर यूँ ही पड़े हैं। इसे बदलने में कहीं कोई प्राथमिकता नहीं दिया जा रहा है। परिणामस्वरूप इस भीषण गर्मी में पंखा, कूलर तो दूर समर्सिबल, मोटर तक नहीं चल पा रहा है। शहर के विभिन्न मुहल्ला के पास स्थित ट्रांसफार्मर इतना जर्जर है कि इसे करीब-करीब प्रतिदिन शिकायत के बाद मिस्त्री भेजकर फेज बनाकर किसी तरह विद्युत आपूर्ति किया जाता है वह भी 150 सौ से कम ही वोल्टेज रहता है। ट्रांसफार्मर के चारो आऊटपुट नट का थ्रेड गला हुआ है। मिस्त्री के अनुसार स्टोर में नट उपलब्ध नहीं है। इसे अल्युमिनियम के तार से बांधकर या यूँ कहें कि थूक-लस्सा से साटकर काम चलाया जा रहा है। इनौस सह भाकपा माले नेता सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि वह इसकी शिकायत पहले मिस्त्री से फिर कार्यपालक और फिर अधीक्षण अभियंता से मिलकर कीया, लेकिन अभी तक आश्वासन ही मिलता रहा है। मुहल्ले की नेकेड जर्जर वायर बदलकर इंसूलेटेड वायर लगाने के आदेश के बाबजूद नहीं लगाया गया है। फलस्वरूप लगातार तार टूटने, सटने, फेज गलने आदि के कारण इस भीषण गर्मी में भी लोग रात भर जागने को मजबूर है। करीब यही स्थिति अन्य जगहों का है। माले नेता सुरेंद्र सिंह ने कहा है कि इसे अविलंब ठीक नहीं किया गया तो भाकपा माले मुहल्लावासी के साथ मिलकर आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों से महँगी बिजली होने के बाबजूद भी विद्युत व्यवस्था जर्जर बनी हुई है जो खेदजनक है।

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