प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में ८३वाँ त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव समारोह पूर्वक व दीप प्रज्वलित कर मनाया गया। *रमेश शंकर झा के साथ नंद कुमार चौधरी की रिपोर्ट, समस्तीपुर बिहार।*

    रमेश शंकर झा के साथ नंद कुमार चौधरी की रिपोर्ट, समस्तीपुर बिहार। समस्तीपुर:- जिले के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में ८३वाँ त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव समारोह पूर्वक मनाया गया। इस समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय, एडीजे दशरथ मिश्र, डीके श्रीवास्तव एमडी सुधा डेयरी, बिहार संचालिका […]

 

 

रमेश शंकर झा के साथ नंद कुमार चौधरी की रिपोर्ट, समस्तीपुर बिहार।

समस्तीपुर:- जिले के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में ८३वाँ त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव समारोह पूर्वक मनाया गया। इस समारोह का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय, एडीजे दशरथ मिश्र, डीके श्रीवास्तव एमडी सुधा डेयरी, बिहार संचालिका राज योगिनी रानी दीदी ने सामूहिक रूप से किया। वहीं महोत्सव को संबोधित करते हुए रानी दीदी ने कहा भगवान शिव विगत 83 वर्षों से अवतरित होकर मनुष्य आत्माओं को सच्चा-सच्चा गीता ज्ञान दे रहे हैं, और राजयोग सिखला रहे हैं।

जिससे लाखों नर नारी ने प्रभु मिलन का परम सौभाग्य प्राप्त किया है। अपर आयुक्त वाणिज्य कर विभाग के सुबोध राय ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संपर्क में आकर मुझे सामाजिक, अत्याधुनिक, राजनैतिक एवं आर्थिक रूप से काफी लाभ हुआ है, मेरे जीवन से अनेकोंनेक व्यर्थ खर्च रुक गया हैं। जिससे मेरा परिवारिक बजट का बचत हो गया है और इमानदारी पूर्वक जीवन व्यतीत करने में मुझे बहुत शक्ति मिलती है। वहीँ जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि यहां आकर बहुत शांति और सच्चे अत्याधुनिक ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस कार्यक्रम के मौके पर राजीव रंजन सहाय, एस के वर्मा, आबू से पधारे बी के अनिल भाई, दिल्ली से पधारे रूपा बहन ने भी संबोधित किया।

जिसमें कृष्ण भाई ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि भगवान शिव पर जो अक-धतूरा चढ़ाया जाता है वह अपने अंदर की बुराई, कड़वाहट, इत्यादि उन पर अर्पण करने का यादगार है। वहीँ स्वागत भाषण सविता बहन ने किया। धन्यवाद ज्ञापन ओम प्रकाश भाई ने किया। इस कार्यक्रम में निजी स्कूल की बच्चियों ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत करके कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। कार्यक्रम के अंत में रानी दीदी ने शिव ध्वज लहराया और सबको अपने अंदर के अवगुण, विकार प्रभु शिव पर अर्पण करने का संकल्प करवाया।