21वीं सदी में बेटियों को मिला हक, जानें समाज में क्या आएगा बदलाव:साक्षी कुशवाहा

21वीं सदी में बेटियों को मिला हक, जानें समाज में क्या आएगा बदलाव:साक्षी कुशवाहा
जेटी न्यूज

रक्सौल पूर्वी चंपारण- थाना क्षेत्र के कोरिया टोला वार्ड नंबर 24 निवासी सुनील कुशवाहा की नवनवेली धर्मपत्नी साक्षी कुशवाहा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रविवार को बोली कि भारत में कोई भी लड़की 18 साल की होती है तो उसके मां-बाप और परिवार के मन में सबसे पहले विचार आता है कि अब जल्दी से लड़की के हाथ पीला कर दिया जाए यानि उसकी शादी कर दी जाए। जिससे मां-बाप की जिम्मेदारी पूरी हो जाए। इसके बाद उस लड़की के उपर ससुराल की सारी जिम्मेदारी थोप दी जाती है।घर की उक्त सभी जिम्मेदारियों को सौंपने के बाद लड़की अपने ससुराल में कहां रहेगी किस, हालत में रहेगी, उसकी आगे पढ़ाई होगी या नहीं ? इसकी चिंता कुछ परिवार में किसी को नहीं रहती है। लेकिन जिस परिवार में पति सास ससुर आदि शिक्षित और समझदार होते हैं वे लड़की की हर मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए अपने आपको न्योछावर कर देते हैं।

 

वहीं लड़की के मनोनुकूल ससुराल वाले नहीं मिलते हैं तो वैसे लड़कियां नर्वस हो जाती हैं। और इस तरह की घटनाएं भारत में हर साल घटती रहती हैं। यहां लगभग लाखों लड़कियां ससुराल वालों से प्रताड़ित होकर मानसिकता की शिकार हो जाती हैं। लेकिन ऐसा दिन देखने को शायद ही अब मिलेगा।क्योंकि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे आगे लड़कियां जा रही हैं।वे देश सेवा और जनता की सेवा में चढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। और देश के लिए उच्चा झंडा फहरा रही हैं। मौके पर व एनयूजेआई के रक्सौल अनुमंडल संयोजक पत्रकार विपिन कुशवाहा, संजय प्रसाद कुशवाहा, राकेश कुमार, सोनू कुमार, पी भारत न्यूज के जितेंद्र पंडित और अजय सिंह उपस्थित थे।

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button