ऑन ड्यूटी कंट्रोल रूम में फंदे पर झूल गई महिला सिपाही सुसाइड नोट में मेजर पर लगाए गंभीर आरोप; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप जेटीन्यूज़

ऑन ड्यूटी कंट्रोल रूम में फंदे पर झूल गई महिला सिपाही

सुसाइड नोट में मेजर पर लगाए गंभीर आरोप; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

जेटीन्यूज़
समस्तीपुर:पुलिस कंट्रोल रूम में ड्यूटी के दौरान ही एक महिला सिपाही ने खुदखुशी कर ली। ड्यूटी के दौरान कमरा बंद देख अन्य पुलिसकर्मी गेट तोड़कर अंदर घुसे तो अर्चना का शव फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे समस्तीपुर सदर अस्पताल लाया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला सिपाही की पहचान 2018 बेच की महिला पुलिस क्रमांक 777 अर्चना कुमारी के रूप में हुई हैं। अर्चना के पति सुमन कुमार भी सिपाही के पद पर कार्यरत है जो पिछले 2 महीने से सस्पेंड थे। वह गया जिले के रहने वाले हैं और दोनों पति-पत्नी समस्तीपुर में साथ-साथ रहते थे। महिला सिपाही की खुदकुशी की खबर के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है ।
सुसाइड नोट में एसपी को संबोधित करते हुए अर्चना ने लिखा है कि अपने पति जो समस्तीपुर जिला पुलिस में सिपाही है उसके निलंबन पर सवाल उठाए हैं। साथ ही विभाग की ओर से सरकारी क्वार्टर खाली करने को लेकर बनाए जा रहे दबाव का जिक्र है। अर्चना ने एक मेजर पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
सुसाइड नोट के माध्यम से मृतक सिपाही ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

मौत की सूचना पर पहुंचे सिपाही पति सुमन कुमार का कहना है कि हेडक्वार्टर डीएसपी के मौखिक आदेश पर मेजर के द्वारा सरकारी क्वार्टर में कमरा दिया गया था। बाद में मेजर के द्वारा उसपर ताला तोड़कर रूम में रहने का आरोप लगाकर एक महीने के पैसे भी काट लिए गए। इसकी शिकायत दोनों पति पत्नी ने एसपी से भी की थी। इसके बाद एसपी ने उसे रिलीज करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन मेजर नयन कुमार एसपी को गलत कन्विंस करते थे। सुमन ने बताया कि बुधवार को उनकी पत्नी अर्चना मुख्यालय डीएसपी से मिलने गई थी, लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। जिससे वह काफी डिप्रेशन में चली गई थी। सुमन का कहना है कि विभागीय प्रताड़ना के कारण अर्चना डिप्रेशन में थी जिससे उसने जान दे दी।

इस संबंध में सदर डीएसपी संजय कुमार पांडे ने बताता, महिला सिपाही 112 कंट्रोल रूम में पोस्टेड थी। उसने ड्यूटी के दौरान ही आत्महत्या की है लेकिन कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। उनके परिवार वालों को सूचित किया गया है। सुसाइड नोट के सवाल को नजरअंदाज करते हुए उन्होंने कहा कि इस बिंदु पर भी जांच की जाएगी।


वहीं इस घटना से एसपी विनय प्रकाश के कार्यशैली पर भी कई तरह के गंभीर आरोप लग रहे हैं, आखिर क्यों एसपी मेजर के प्रभाव में थे,महिला सिपाही के साथ नाइंसाफी हो रही थी ये जानते हुए भी एसपी क्यों चुप थे,बरहाल कई तरह के आरोप से एसपी भी घिर चुके हैं,वहीं सूत्रों की माने तो एसपी विनय प्रकाश जब से आये हैं विवादों में घिरे रहे हैं ।बरहाल देखना यह है कि महिला सिपाही को न्याय मिलता है या लीपापोती केवल होती है ।

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