शिक्षा सुधार और गुणवत्ता के नाम पर शिक्षक कर्मचारियों के अधिकार का हनन गलत – आइसा विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शिक्षक/कर्मचारियों के स्वायत्तता पर हमला अलोकतांत्रिक – पावेल

शिक्षा सुधार और गुणवत्ता के नाम पर शिक्षक कर्मचारियों के अधिकार का हनन गलत – आइसा
विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शिक्षक/कर्मचारियों के स्वायत्तता पर हमला अलोकतांत्रिक – पावेल

जे टी न्यूज़ ,मधेपुरा:बिहार सरकार द्वारा शिक्षक/कर्मचारियों के संगठन व आंदोलन तथा सोशल मिडिया पर रोक लगाने की आइसा कड़ी निंदा करता है। आइसा के जिला सचिव पावेल कुमार और जिलाध्यक्ष सन्नी कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उच्च शिक्षा निदेशक व निदेशक माध्यमिक शिक्षा के द्वारा वि. वि. व उच्च विद्यालय के शिक्षक / कर्मचारीयों को खास तरह स्वायत्ता का हनन करने व शिक्षक कर्मचारियों के अधिकारों को सिमित करने की नोटिस जारी करना कही से उचित नहीं है जहाँ शिक्षा मे सुधार और गुणवत्ता के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर व पर्याप्त शिक्षक की जरुरत है वहाँ शिक्षा विभाग रोज नए फरमान जारी कर शिक्षकों की स्वतंत्रता को सिमित कर रहे है तथा त्यौहार की छुट्टी मे जो कटौती की गई है इस मामला पर बिहार सरकार संज्ञान ले आइसा मधेपुरा जिला सह सचिव श्याम कुमार व लवली कुमारी और जिला उपाध्यक्ष राजीव कुमार व कल्पना कुमारी ने संयुक्त रूप से कहाँ की भारतीय संविधान मे वर्णित है की आप संघ बनाकर अपनी लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लड़ सकते है पर शिक्षा विभाग द्वारा कर्मचारीयों के अधिकार का हनन किया जा रहा है वही छात्रों के 50% अनुपस्थित रहने पर स्कूल के हेडमास्टर पर कारवाई जैसे मामला पर सरकार खुद हस्तक्षेप करें और दी हुई फरमान वापस ले!