झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र में एमपी रामप्रीत मंडल को लोग पहचानते नहीं
झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र में एमपी रामप्रीत मंडल को लोग पहचानते नही

जे टी न्यूज, मधुबनी(प्रो अरुण कुमार):मधुबनी जिले के झंझारपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में जदयू ने निवर्तमान सांसद राम प्रीत मंडल को पुनः एक बार अपना उम्मीदवार बनाया है, इनके विरुद्ध लोगों का विरोध चरम पर है।लोग बाग कहते हैं कि रामप्रीत मंडल को वे पहचानते तक नहीं है।खासकर क्षेत्र की आधी आबादी महिलाएं तो यहां तक कहती हैं कि आज तक उन्होंने एमपी श्री मंडल को पहचानते तक नहीं है। मोबाइल के इस युग में भी कभी मोबाइल पर भी उनका चेहरा नहीं देखा है।यह बात अनायास नहीं है रामप्रीत मंडल की क्षेत्र में सक्रियता कम रही है। जनता और कार्यकर्ता उनसे खुश नहीं हैं। चर्चा थी कि पार्टी इस बार उन्हें टिकट नहीं देगी।उनका पांच साल का रिपोर्टकार्ड ठीक नहीं है।ऐसा भाजपा ने भी निजी एजेंसी के सर्वे रिपोर्ट के आधार पर जदयू को बताया था। बावजूद इसके उनपर पार्टी ने एक बार फिर विश्वास जताया है।अब सामने कौन आता है सबकुछ इसी पर निर्भर करता है।

जिले में मधुबनी व झंझारपुर दो लोकसभा क्षेत्र हैं। झंझारपुर में तीसरे चरण में चुनाव होना है। प्रत्याशियों की तस्वीर अस्पष्ट है। जदयू छोड़ किसी पार्टी ने अपना पत्ता नहीं खोला है।
बताते चलें कि कोशी, भूतही कमला,त्रिशूला बलान समेत नेपाल से निकलने वाली गागन नदी की त्रासदी, बाढ़, सुखाड़ , पलायन के बाबजूद यह क्षेत्र पिछड़ा, अतिपिछड़ा राजनीति के कारण सुर्खियों में रहा है।
जदयू ने निवर्तमान सांसद राम प्रीत मंडल को पुनः एक बार अपना उम्मीदवार बनाया है, इनके विरुद्ध लोगों का विरोध चरम पर है। वहीं राजद प्रमुख के द्वारा अतिपिछड़ा के विरुद्ध अतिपिछड़ा को उतारने की योजना है, परंतु उक्त क्षेत्र से लौकहा विधानसभा से विधायक भरत भूषण मंडल, पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेन्द्र प्रसाद यादव , पूर्व सांसद मंगली लाल मंडल, समाजसेवी प्रशांत मंडल, पूर्व सांसद विरेन्द्र चौधरी महागठबंधन से टिकट लेने के लिए लालू प्रसाद यादव एवं तेजस्वी यादव की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं। यहां से निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी दावेदारी ठोक कर दिल्ली से पटना दरवारी में जुटे हुए हैं। एनडीए में प्रत्याशी घोषित होने के बाद सभी लोग अपने दावे और अपने वादे के साथ- साथ जातीय गणित के सहारे महागठबंधन से टिकट ले कर चुनावी मैदान में कूद ने को आतुर है। परंतु झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र का जो जनता का रूख है यहां एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होने की संकेत हैं। ज्ञात हो कि झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र का गठन 1972 में हुआ था। यहां से कांग्रेस छोड़ सभी पार्टियों ने अतिपिछड़ा एवं पिछड़ा को ही अवसर दिया। परंतु कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार जगन्नाथ मिश्र ने जीत दर्ज की थी। हरियाणा के पूर्व राज्यपाल धनिक लाल मंडल 1977 में लोक दल के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे।1980 में इन्दिरा गांधी की हत्या के बाद वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय गौड़ी शंकर राजहंस इस सीट से चुनाव जीते थे। वर्ष 1989, 1991से 1996 देवेन्द्र प्रसाद यादव जनता दल के टिकट पर चुनाव जीते। 1998 में सुरेन्द्र प्रसाद यादव जीते। राष्ट्रीय जनता दल से 2004 में देवेन्द्र प्रसाद यादव जीते। 2009 में जदयू के टिकट पर मंगनी लाल मंडल जीते। 2014 में विरेन्द्र चौधरी भाजपा के टिकट पर बीजेपी लहर में जीते। लोकसभा चुनाव 2009 में इस सीट पर मंगनी लाल मंडल को जदयू ने अपना उम्मीदवार बनाया था। जहां मंडल को दो लाख 65 हजार 175 मत मिला वहीं राजद उम्मीदवार देवेन्द्र प्रसाद यादव को एक लाख 92 हजार 466 मत प्राप्त हुआ और वे मंगनी लाल मंडल से 72709 वोटों के अंतर से चुनाव हार गए।2014 में मंगनी लाल मंडल राजद के टिकट पर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे वीरेंद्र कुमार चौधरी से 55408 मतों से चुनाव हार गए थे।हलांकि निर्दलीय उम्मीदवार देवेन्द्र प्रसाद यादव ने 183591 मत लाकर तीसरे स्थान पर रहे। राजद की जीत के मंसूबे पर पानी फिर गया था। पिछले चुनाव में भाजपा जदयू गंठबंधन में जदयू उम्मीदवार राम प्रीत मंडल को 602391 मत मिले जबकि राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार गुलाब यादव को मात्र 279448 मत हुआ था। वर्तमान चुनावी मैदान में गुलाब यादव भी ताल ठोकते नजर आ रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट शब्दो में कहा है कि हमें पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो हम मधुबनी के दोनों सीटों से उम्मीदवार देंगे।

ज्ञात हो कि झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र में खजौली विधानसभा से अरुण शंकर प्रसाद भाजपा विधायक हैं। बाबूवरही विधानसभा से मीना कुमारी जदयू विधायक है। राजनगर विधानसभा से रामप्रीत पासवान भाजपा विधायक, झंझारपुर विधायक नीतीश मिश्रा भाजपा विधायक,फूलपरास विधायक शीला मंडल जदयू एवं लौकहा विधानसभा से भारत भूषण मंडल राजद के विधायक हैं। झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 1036772 है, जिसमें महिला मतदाताओं की संख्या 949780 है। कुल मतदान केंद्रों की संख्या 2035 है। उक्त क्षेत्र में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा की संख्या 35 प्रतिशत है। मुस्लिम मतदाता 15 प्रतिशत, यादव मतदाता 20 प्रतिशत, ब्राह्मण मतदाता 15 प्रतिशत, अन्य जातियों की मतदाताओं की संख्या 10 प्रतिशत है।
उक्त राजनीतिक सम्पन्नता के बावजूद यहां के लोग पेयजल, बिजली, सड़क, पुल-पुलिया, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी समस्या से जूझते आ रहे हैं। सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग व बंदरबांट से लोग हल्कान है।इस बार के चुनाव के लिए अब तक नामांकन शुरू नहीं हुआ है। लेकिन पिछले पांच साल के कार्यों को लेकर आम जनों में जोरदार चर्चा जारी है।




