चौथीराम के निधन पर

चौथीराम के निधन पर
जे टी न्यूज़

समय चक्र के अध्या ता
समय ने /अपने समय से बुला लिया
तुम्हे /समय किसी नहीं पहचानता
पर समय की पहचान थी तम्हे
रहते पल
हर पल कों जिया
समय के इतिहास में नाम जोर दिया
एक शिक्षक /अभिभावक और
सुलझे साहित्य कार के रूप में
सा फ -साफ आवाज मंच की


गुंजते थे
ना मवारजी के बाद
एक सशक्त गुंजायमान पुरुष का अवसान
कचोट ता रहेगा
हाँ समय केसाथ
समय के बाद भी
***
डॉ रणजीत कुमार दिनकर

Related Articles

Back to top button