प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के परिवारवाद का मतलब- प्रभुराज नारायण राव जे टी न्यूज,

प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के परिवारवाद का मतलब- प्रभुराज नारायण राव
जे टी न्यूज,


जश्न ए आजादी के 78 वें साल पर दिल्ली के लाल किले से भाषण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर सवाल खड़ा किया। परिवार वाद का आशय नरेंद्र मोदी का नेहरू परिवार से था।प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आजादी की लड़ाई के दौर में पंडित मोतीलाल नेहरू की भूमिका को कौन नकार सकता है। वे ब्रिटिश एसेंबली के सदस्य भी रहे।वे एक वरिष्ठ वैरिस्टर थे।जो भारत के आंदोलनकारियों के मुकदमे भी लड़ते थे।वे चंद्रशेखर आजाद को बहुत प्यार करते थे।उन्हें पता था कि जवाहर से आजाद के अच्छे संबंध है।
उनके पुत्र जवाहरलाल नेहरू जो आजादी की लड़ाई में अपनी जवानी के 10 साल जेलों में गुजार दी।देश की आजादी के बाद प्रथम प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य जवाहरलाल नेहरू को मिला ।उनकी बेटी इंदिरा गांधी की शादी फिरोज गांधी से हुई ।उनका भी राजनीतिक जीवन था। वह सांसद भी रहे।

इंदिरा गांधी लाल बहादुर शास्त्री के मृत्यु के बाद देश की प्रधानमंत्री बनी और पंजाब के खालिस्तानियों से प्रभावित उनके एक सुरक्षाकर्मी ने भिंडरावाला की हत्या कराने के आक्रोश में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को गोलियों से भून डाला।इंदिरा गांधी की शहादत के बाद उनका प्रथम पुत्र राजीव गांधी को प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी मिली।जिनकी हत्या LTTE द्वारा एक आत्मघाती हमले में हुआ। राजीव गांधी की शहादत के बाद सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का सर्व सम्मत प्रस्ताव कांग्रेस में आया था। जिसे सोनिया गांधी ने ठुकरा दिया।आज उनका पुत्र राहुल गांधी हिंदुस्तान के सिंहासन पर दस्तक दे रहा है।
मैं राहुल गांधी से भयभीत भाजपाइयों और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहता हूं कि कोई माई का लाल यह बता दे कि कोई अन्य परिवार के 5 पीढ़ी का सक्रिय राजनीतिक भागीदारी सर्वमान्य रुप से है क्या?
मैं यह भी जानता हूं कि आर एस एस के अनुयाइयों के सामने शहादत कोई मायने नहीं रखता।क्योंकि आजादी की लड़ाई में जिस आर एस एस,रामराज्य परिषद,हिंदू महासभा ने एक कतरा खून तक नहीं बहाया।वह राष्ट्र के लिए न्योछावर जीवन शैली के तथ्यों को भ्रमित नहीं करेगा तो और क्या करेगा।

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