मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर में छात्र-छात्राएं शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में आते

मध्य विद्यालय में शिक्षकों की गोष्ठी आयोजित होती

मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर में छात्र-छात्राएं शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में आते
मध्य विद्यालय में शिक्षकों की गोष्ठी आयोजित होती


छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते :प्रधानाध्यापक

जे टी न्यूज़, कटिहार : जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत बेनीजलालपुर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर में छात्र-छात्राएं शत प्रतिशत स्कूल ड्रेस में नियमित रूप से विद्यालय आते हैं और अनुशासित ढंग से रहकर पठन-पाठन करते हैं। विद्यालय में योग्य शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने से छात्र-छात्राएं पठन-पाठन में रुचि रखते हैं। प्रधानाध्यापक के द्वारा विद्यालय का गुणात्मक विकास के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन पर विशेष ध्यान रखा जाता है। मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर के प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय अपने विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिकाओं के साथ अच्छा संबंध रखते हुए विद्यालय की विधि व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग लिया करते हैं। वैसे तो विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की कमी है इसके बावजूद भी प्रधानाध्यापक अपनी सूझबूझ से सभी कक्षा में नियमित रूप से पठन-पाठन कराते हैं। इस विद्यालय में वर्ग एक से आठ तक की पढ़ाई होती है। विद्यालय में संस्कृत,हिन्दी एवं अंग्रेजी विषय के शिक्षक नहीं रहने के कारण छात्र-छात्राओं को इन विषयों के पठन-पाठन में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर के प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर छात्र-छात्राओं को इन विषयों का पठन-पाठन कराया जा रहा है। प्रधानाध्यापक व्यवहार कुशल एवं कुशल प्रशासक हैं।

जिनकी चर्चा आसपास के विद्यालय में भी होती है। इस विद्यालय में वर्तमान में 505 छात्र अध्यनरत है। सभी छात्र-छात्राएं काफी अनुशासित ढंग से विद्यालय आते हैं और विद्यालय के समय सारणी का पालन करते हुए पठन-पाठन करने में काफी अभिरुचि रखते हैं। इसका श्रेय प्रधानाध्यापक से लेकर विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को जाता है। विद्यालय का सर्वांगीण विकास कर गांव के गौरव का प्रतीक बना दिया है। इस विद्यालय में शिक्षक- शिक्षिकाएँ विद्यालय के सर्वांगीण विकास से लेकर पठन-पाठन तक को दुरुस्त करने में प्रधानाध्यापक को काफी सहयोग कर रहे हैं। जिसके कारण विद्यालय अल्प अवधि में काफी विकसित हो गया है। इस विद्यालय में पठन-पाठन सुचारू ढंग से किया जाता है। मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर के प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने बताया कि विद्यालय का शैक्षणिक कार्य पुरी निष्ठा के साथ किया जा रहा है। विद्यालय में नए छात्र-छात्राओं का नामांकन कार्य किया जा रहा है। मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर के प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि विद्यालय में अभी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड करने का काम तेजी से पूरा कर लिया गया है। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने बताया कि सरकार के निर्देश के आलोक में विद्यालय में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं का पुनः नए सिरे से नामांकन किया गया है।। नामांकन कार्य के निष्पादन में विद्यालय के शिक्षक- शिक्षिकाएँ मो० इनामूल हक,लीला देवी,मो०अलाउद्दीन,दिलावर हुसैन,कहकंशा खातून,नकुल लाल साह,परिमल चन्द्र राय,मो०आरिफ,रहबर रजा,मानसी राज आदि ने महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं। धानाध्यापक मंटु कुमार राय ने बताया कि सरकार के निर्देश के आलोक में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं का नाम लोड कर लिया गया है।।

विद्यालय कार्यालय में शिक्षकों का गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने किया। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि विद्यालय में नामांकन कार्य में सभी शिक्षकों ने अपने-अपने उत्तरदायित्व का निर्वाह किया। नामांकन कराने वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ अभिभावकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हुई। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों का सबसे पहला कर्तव्य होता है कि छात्र-छात्राओं को हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराते हुए उन्हें खेल-खेल में अनुशासन के साथ पठन-पाठन कराने में ईमानदारी पूर्वक अभिरुचि लेंऐ। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि विधालय 20 डीसमल जमीन पर ८ कमरे का दो मंजिला भवन है। लेकिन दो कमरे का एक भवन अति जर्जर होकर खंडहर में परिणत हो रहा है। इन खंडहरनुमा भवन के कमरे में पिछले कई वर्षों से पठन-पाठन का कार्य नहीं किया जा रहा है। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि मध्य विद्यालय बेनीजलालपुर में वर्ग 1 में 49,छात्र, वर्ग 2 में 45, वर्ग 3 में 48,वर्ग 4 में 67, वर्ग 5 में 100, वर्ग 6 में85, वर्ग 7 में 66, वर्ग 8 में 45,टोटल 505 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि वर्ग 1 से 8 तक के 505 छात्र – छात्राओं के बीच पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया है।

लेकिन विभाग के द्वारा वर्ग Vll के पाठ्य पुस्तक उपलब्ध नहीं कराये जाने से छात्र-छात्राओं के बीच पुस्तकों का वितरण नहीं हो पाया है। वर्ग 1 से 3 तक के 142 छात्र-छात्राओं के बीच टीएलएम किट जिसमें बैग,पीने का पानी का बोतल, कलरफुल चौक, ड्राइंग पेन, ड्रॉइंग बुक, सिलेट, व्हाइट बोर्ड पेन, नोटबुक, स्केल था ,का वितरण किया गया। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि विद्यालय में विधिवत बिजली कनेक्शन लिया गया है। विद्यालय के सभी कमरों में लाइट एवं बिजली का पंखा लगाया गया है। जिसके कारण गर्मी के मौसम में छात्र-छात्राओं को गर्मी से राहत मिलती है और पठन-पाठन में कोई परेशानी नहीं होती है। विद्यालय के सभी कक्षा में फर्नीचर, बैंच,डेस्क की व्यवस्था है। विद्यालय भवन का रंग रोगन, आनंद दाई कक्षा, मेन गेट, बुक सेल्फ, स्पीकर सेट आदि की व्यवस्था की गई है। ताकि विद्यालय में पठन-पाठन करने वाले छात्र-छात्राओं को सुविधा मिल सके। हर वर्ग के ब्लैक बोर्ड का कालीकरण एवं साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय हाउसकीपर से सफाई नियमित रुप से कराते है। प्रधानाध्यापक के द्वारा विद्यालय परिसर एवं शौचालय का साफ सफाई नियमित रूप से कराई जाती है। कार्यालय संचालन के लिए फर्नीचर,अलमीरा, कुर्सी, टेबल की व्यवस्था की गई है। बच्चों को टीएलएम कीट के द्वारा शिक्षा दिया जाता है। आनंददायी कक्षा में हर तरह के चित्र को लगाया गया है। चित्र के हिसाब से बच्चे को खेल-खेल में शिक्षक के द्वारा पठन-पाठन का कार्य किया जाता है। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि विद्यालय में 505 बच्चे का नामांकन है। 80% छात्र – छात्राएं विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित होकर रूटीन के अनुसार पठन-पाठन कर रहे हैं। टीएलएम किटस के द्वारा पढ़ने से बच्चों में जागृति आई है। छात्र-छात्राएँ रुचि लेकर पठन-पाठन करते हैं। पिछले दिनों विद्यालय परिसर में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया था। दीक्षांत समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राएँ अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित हुए थे। जिन छात्रों की उपस्थिति अव्वल रही तथा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत भी किया गया था। विद्यालय की ओर से छात्र-छात्राओं को प्रगति प्रमाण पत्र भी दिया गया जिससे छात्र-छात्राएं काफी खुश हुये। इसका प्रभाव विद्यालय में सकारात्मक पडा़ और बच्चों के उपस्थिति में वृद्धि हुई है। अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने की दिशा में रुचि रखने लगे हैं। शिक्षकों के सहयोग से विद्यालय का माहौल शैक्षणिक बन गया है। छात्र-छात्राओं को मीनू के अनुसार गुणवत्ता पूर्ण मध्याह्न भोजन नियमित रूप से दिया जाता है। विद्यालय में प्रत्येक शनिवार को शिक्षक। अभिभावकों के साथ बैठक करते हैं। जिसके कारण विद्यालय में नियमित रूप से 80 % छात्र -छात्राएं पठन-पाठन करने के लिए आते हैं। गोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रधानाध्यापक ने सभी शिक्षकों से कहा कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन हो और बच्चे की उपस्थिति और अधिक संख्या में हो। इसके लिए डोर-टू-डोर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने की जरूरत है। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने बताया कि मैं प्रत्येक दिन स -समय विद्यालय पहुंच जाता हूं। सबसे पहले विद्यालय परिसर की साफ सफाई कराता हूं। उसके पश्चात अभियान गीत का संचालन किया जाता है।जिसमें प्रार्थना,बिहार गीत, संविधान की प्रस्तावना,प्रेरक प्रसंग, समाचार वाचन,राष्ट्र गान प्रस्तुत किया जाता है। बच्चों की उपस्थिति में सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक ने अंत में कहा कि विद्यालय में पदस्थापित सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं सरकारी नियम का पालन करते हुए स-समय विद्यालय पहुंचकर विद्यालय रूटिंग का पालन अक्षरसः करते हैं। सभी शिक्षक- शिक्षिकाएं ईमानदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन नियमित रूप से कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक मंटु कुमार राय ने कहा कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना से संचालित होने वाले भोजन पकाने में शुद्ध पेयजल का प्रयोग किया जाता है। छात्र छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय का लाभ देने के लिए विद्यालय में किताब रखने का बुक सेल्फ की व्यवस्था की है। प्रधानाध्यापक ने कहा कि विद्यालय में छात्र के अनुरूप विषयवार शिक्षकों की कमी है । वर्ग 6 से 8 तक के कक्षा में पठन-पाठन के लिए विभाग के द्वारा संस्कृत,हिन्दी,अंग्रेजी विषय के शिक्षक की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है। अगर प्रतिनियुक्ति कर दी जाती है तो छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में काफी सुविधा मिलेगी। विद्यालय परिसर में शौचालय की आवश्यकता है। विद्यालय परिसर में मिटटी भराई कर सीमेंट के ईंट का सोलिंग कर दिया जाता तो बरसात के मौसम में जल जमाव से मुक्ति मिल जाती जिससे छात्र- छात्राओं को काफी सुविधा हो जाती।विधालय में और भवन की आवश्यकता है। कुर्सी, टेबूल, बिजली पंखा, समरसेबल पंप, बिजली वायरिंग,हाई पावर मास्क लाइट, विद्यालय में श्वेत पत्र, प्रति कमरे में चार-चार बिजली पंखा, खेल मैदान, पेयजल हेतु आरओ, विद्यालय में स्मार्ट क्लास चलाने के लिए बड़ा टेलीविजन, विद्यालय में छात्रों के लिए प्रयोगशाला, विषयवार की शिक्षक-न शिक्षिकाओं की नियुक्ति अगर विभाग के द्वारा उपरोक्त उपलब्ध कराई जाती है तो विद्यालय संचालन में आसानी के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को भी काफी सुविधा मिलेगी। गोष्ठी में शिक्षक शिक्षिका ने भाग लेकर अपना-अपना विचार प्रकट किया। भूमिहीन है प्राथमिक विद्यालय बाँधटोला कमालपुर दूसरी तरफ मध्य विद्यालय बेनी जलालपुर विद्यालय प्रांगण में ही प्राथमिक विद्यालय बाँधटोला कमालपुर का संचालन 2013 से किया जा रहा है।

प्राथमिक विद्यालय बाँधटोला कमालपुर के प्रधानाध्यापक मो० उमर फारूक ने बताया कि अक्टूबर 2013 से पूर्व विद्यालय का संचालन नदी के किनारे एक झोपड़ी में हो रहा था। झोपड़ी पुरानी हो गई लेकिन विद्यालय को अपना जमीन नहीं रहने के कारण विभाग के द्वारा भवन निर्माण नहीं कराया गया। जबकि विभाग को कई बार पत्राचार भी किया गया। विभाग ने अक्टूबर 2013 में प्राथमिक विद्यालय बाँधटोला कमालपुर को मध्य विद्यालय बेनी जलालपुर में शिफ्ट करने का आदेश दिया।तब से आज तक प्राथमिक विद्यालय बाँधटोला कमालपुर मध्य विद्यालय बेनी जलालपुर के प्रांगण में संचालित हो रहा है। प्रधानाध्यापक मो० उमर फारुक ने बताया कि विद्यालय में 146 छात्र छात्राओं का नामांकन है। इन छात्रों के पठन पाठन का कार्य शिक्षक फिरोज आलम, अब्दुल कादिर, रितिका नाथ, अब्दुल रहीम के द्वारा संपादित किया जा रहा है। विद्यालय संचालन में सभी शिक्षक सहयोग कर रहे हैं। सभी शिक्षक समय पर विद्यालय आते हैं।समय सारणी के अनुसार छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन

Related Articles

Back to top button