लदनियां का चोरबाजार रात में होता गुलजार जेटीन्यूज/मधुबनी

           लदनियां का चोरबाजार रात में होता गुलजार
                       जेटीन्यूज/मधुबनी

 


मधुबनी जिले के लदनियां थाने से उत्तर लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित इंडो नेपाल सीमा से सटकर एक अलग बाजार है, जो चोर बाजार के नाम से विख्यात है। इस बाजार की स्थापना वर्ष 2004 में तीन – चार खुदरा विक्रेताओं के द्वारा की गई। सम्प्रति वहां दो सौ से ढाई सौ दुकानें हैं, जिसमें सौ से अधिक थोक विक्रेता हैं। इन विक्रेताओं की प्रगति दिन दुगुनी, रात चौगुनी होती दिख रही है। ये दुकानें स्थायी रूप से स्थापित हो चुकीं हैं। इनके कारोबार की पोल तब खुली, जब वर्ष 2012 के फरवरी महीने में पूर्व डीआईजी सुधांशु शेखर के द्वारा मुजफ्फरपुर से चला लोडेड ट्रक इसी बाजार में पकड़ा गया था। इस ट्रक को रातोरात इसी रास्ते सीमापार नेपाल टपाने की योजना थी। ट्रक पर अरहर दाल लदी थी। इस मामले में यहां के सात तस्करों को गिरफ्तार जेल भेजा गया था। बावजूद इसके इस बाजार की प्रकृति नहीं बदली। बोर्डर पर बसे इस बाजार में खरीदार बनकर नेपाल से सैकड़ों लोग दिन में आते हैं और शाम ढलते ही खुली सीमा से हो कर एसएसबी की नाक के सामने से होकर निकल जाते हैं। चोरी छिपे के इस धंधे में नेपाल के धंधेबाज चैनीज सेब, लहसून, लंग, लाइटर, जूते-चप्पल, साबुन आदि सामान यहां बेचते हैं और घान, गेहूं, सरसों तेल, खाद, चीनी समेत अन्य किराना सामान खरीद ले जाते हैं। यही कारण है कि यह चोर बाजार के नाम से प्रसिद्ध है। इस बाजार के बढ़ते आकारों के कारण यहां की जमीन की कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लाख में बिकने वाली जमीन अब करोड़ में बिकने लगी है। लोगों के अनुसार यहां दिन में खुदरा और रात में थोक कारोबार बेरोकटोक जारी रहता है। नेपाल से शराब की खेप का आना बदस्तूर जारी रहना जगजाहिर है। पुलिस प्रशासन इस चुनौती का सामना कर पाने में विफल रही है। सीमा पर तैनात एसएसबी का जवाब सीमा का खुला होना होता है।

Related Articles

Back to top button