चौसा के किसानों ने फिर से किया,जंगे ऐलान

किसान अन्नदाता ही नहीं, जीवन दाता है। चौसा थर्मल में जिनकी जमीन गई,उन्हें न्याय चाहिए

चौसा के किसानों ने फिर से किया,जंगे ऐलान

किसान अन्नदाता ही नहीं, जीवन दाता है।

चौसा थर्मल में जिनकी जमीन गई,उन्हें न्याय चाहिए

जे टी न्यूज, चौसा: शहद जैसा मिठा परिणाम चाहिए तो किसानों को मधुमक्खियों की तरह एकताबद्ध होना होगा।

जमीन का सर्वे किसानों की जमीन लूटने के लिए लाया गया। दिल्ली की तरह पटना को घेरने की तैयारी शुरू करें।

आज बनारपुर पंचायत भवन पर आयोजित किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए स्थानीय सांसद माननीय सुधाकर सिंह ने कहा कि आज से पहले चौसा थर्मल निर्माण के क्रम में किसानों,मजदूरों एवं खेत मजदूरों को लाभ देने के लिए बनी आर एण्ड आर कमिटी के एजेण्डा में किसान मजदूर था ही नहीं वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के अधिकारी सिर्फ राशि लूटने में लगे थे। मगर मैंने लूट को रोकने तथा उस राशि को किसान,मजदूर और खेतिहरों को दिलाएंगे।उन्होंने कहा उस फंड से चौसा थर्मल से प्रभावित गांवों में से पहली किस्त में 9 गाँव को तीन-तीन करोड़ रुपए की राशि से विकास का कार्य होगा।वाटर एवं रेल कोरिडोर का रूट बदला गया।अब कम जमीन बर्बाद होगा। इस अवसर पर ऑल इंडिया किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव अशोक प्रसाद सिंह ने कहा खेत और खेती बचेगी तभी गाँव बचेगा तथा किसान बचेंगे तभी देश को बचेगा। इसके लिए किसानों को एक जूट होना होगा। उन्होंने कहा किसान चुकि जाति,धर्म और पार्टियों में बंटे हुए हैं,इसलिए हमारी जेब और हमारी गर्दन दोनों काटा जा रहा है।खेती के लिए खाद,बीज, कीटनाशक और कृषि यंत्र का कारोबारी दिन दूनी रात चौगुनी वृद्धि कर देखते-देखते लाखपति से करोड़पति और अरबपति बन रहा है। किसान जिसे पैदा करता है,दूध,सब्जी,फल, अनाज,मांस और मछली आदि का कारोबार करने वाले अरबपति से ख़रबपति बन रहे हैं, पर किसान दिनों -दिन कंगाल होते जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि कहना है वह साफ कहेंगे, करना है, वह खुलकर करेंगे। जीते जी घुट-घुट कर मरना, इस जग का दस्तूर नहीं,रात का रही थक मत जाना, सुबह का मंजिल दूर नहीं है।इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के बिहार प्रभारी दिनेश कुमार ने कहा कि सरकार किसानों से खेती,मछुआरों को मछली पकड़ने का कारोबार और युवाओं से रोजगार छीन रही है। एक बार सबको संगठित होकर सत्ता के खिलाफ सड़क पर उतरना होगा। इसके लिए सभी को एक साथ मिलकर पटना कुच करना होगा और बिहार सरकार को दिल्ली की तरह मजबूर करना होगा। सुल्तानगंज से लेकर पीरपैंती तक गंगा में मछली मारने पर रोक लगाकर सरकार ने मछुआरों से रोजगार छीन लिया है। कागज पर सरकार 15 नवंबर से किसानों से धान खरीद रही है। मगर पटना से लेकर प्रखण्ड तक के पदाधिकारी, मिल मालिक एंव माफिया मिलकर ऊपर से नीचे तक लूट में शामिल है। किसान अपना धान बिचौलियों के हाथ बेचने को मजबूर है।किसान नेता रामप्रवेश सिंह ने कहा की किसान नेता अशोक तिवारी के हत्यारे को प्रशासन अविलंब गिरफ्तार करें अन्यथा ग्रामीणों को हत्यारों को पकड़ने की खुली छूट दे। अनुमंडलाधिकारी बक्सर और पुलिस प्रशासन हत्यारे को बचाने में हर तिकड़म में लगी है। इससे आम लोगों में स्थानीय प्रशासन के खिलाफ भयानक आक्रोश है।

किसान महापंचायत की अध्यक्षता धनपत चौधरी ने की जबकि मंच संचालन डॉक्टर विजय नारायण राय ने की। किसान महापंचायत को मुन्ना तिवारी,अजय मिश्रा,शिव वचन यादव,नंदकुमार राम,शैलेश राय,पशुपति पटेल,पूर्व प्रमुख भोला सिंह,अभिमन्यु सिंह,सियाराम राय,भुवनेश्वर सिंह,शर्मा तिवारी,सत्येंद्र सिंह,शिवाजी सिंह,नूरुल हसन,लड्डू यादव, नरेंद्र तिवारी,तेतरी देवी, बनारपुर की मुखिया ममता देवी एवं पंचायत समिति सदस्या प्रभावती देवी ने किसान महापंचायत को संबोधित किया।

 

Related Articles

Back to top button