सावित्री बाई फुले नारी सम्मान की जननी थीं : राकेश पासवान शास्त्री समारोह मनाई गईसावित्रीबाई फुले की 194 वीं जयंती
सावित्री बाई फुले नारी सम्मान की जननी थीं : राकेश पासवान शास्त्री समारोह मनाई गईसावित्रीबाई फुले की 194 वीं जयंती

जे टी न्यूज़, खगड़िया : सदर प्रखंड के रहीमपुर मध्य पंचायत अंतर्गत नन्हकू मंडल टोला स्थित मेनका- कार्तिकेय सदन के सभा कक्ष में देश की प्रथम शिक्षिका, प्रथम प्रिंसिपल, महान समाज सेविका, मुक्ति आंदोलन की प्रणेता व महान स्वतंत्रता सेनानी माता सावित्रीबाई फुले की 194 वीं जयंती समारोह दलित युवा संग्राम मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य राकेश पासवान शास्त्री की अध्यक्षता में हर्षोल्लासपूर्ण आयोजित की गई। मौके पर उपस्थित शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय प्रबुद्धजनों के द्वारा उनके तेलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई एवं नमन किया गया। मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन के दौरान आचार्य राकेश पासवान शास्त्री ने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक महान समाज सुधारक, दार्शनिक, कवित्री और शिक्षाविद के साथ-साथ नारी सम्मान और नारी सशक्तिकरण की जननी थी। जिन्होंने विरोधियों के पत्थरों और गंदगी के वार को सहन करते हुए अपने संघर्ष पूर्ण जीवन के दौरान नारी सम्मान की नई परिभाषा गढ़ने का काम की।
श्री शास्त्री ने कहा की माता सावित्रीबाई फुले ने विधवा विवाह करवाने,छुआछूत मिटाने, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को शिक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उस समय महिलाओं- बालिकाओं के लिए शिक्षा दिलाना महापाप माना जाता था। तब माता सावित्रीबाई फुले ने बालिकाओं में जबरदस्त शिक्षा के प्रति जागृति लाने का काम किए। फुले दंपति ने जन- जन तक शिक्षा पहूंचाने की उद्देश्य की पूर्ति हेतु 18 से अधिक विद्यालयों का स्थापना की। उनकी कृति आज भी प्रासंगिक है। सही मायने में उनके बताए रास्ते पर हम लोग चलें तो यही उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर प्रभारी प्रधानाध्यापक अशोक कुमार, शिक्षक हीरालाल शास्त्री, रघुवीर पासवान, देवेंद्र पासवान प्रशिक्षु अध्यापक हरिवंश कुमार, सुबोध पासवान,अंकेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार , सूर्यवंश कुमार, दीपक पासवान, नीतू कुमारी, कुमारी कृति, स्वीटी कुमारी, कल्पना कुमारी, प्रीति कुमारी एवं सृष्टि कुमारी आदि दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं गण्यमान व्यक्ति उपस्थित थे।



