सीएस और दंडाधिकारी के संवेदनहीनता व नैतिक उदासीनता का शिकार हुई छात्राएं: आइसा, की परीक्षा केन्द्र पर छात्राओं पर लाठीचार्ज के जिम्मेवार सीएस-मजिस्ट्रेट पर कार्रवाई की मांग
सीएस और दंडाधिकारी के संवेदनहीनता व नैतिक उदासीनता का शिकार हुई छात्राएं: आइसा, की परीक्षा केन्द्र पर छात्राओं पर लाठीचार्ज के जिम्मेवार सीएस-मजिस्ट्रेट पर कार्रवाई की मांग

जेटी न्यूज
समस्तीपुर । सरकार बेटियों को शिक्षित करने केलिए हर प्रयास कर रही है, और बडे बडे प्रतियोगी परीक्षाओं में भी दो चार मिनट लेट होने पर परीक्षा भवन में प्रवेश करने से छात्र-छात्राओं को नहीं रोका जाता है। मगर 12वीं की परीक्षा में इन दोनो बातों की अनदेखी कर तानाशाही दिखाने वाले प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी क्या साबित करना चाहते है यह किसी की समझ में नहीं आया। बहरहाल दलसिंहसराय के आरबी कॉलेज एवं समस्तीपुर के तिरहुत एकेडमी इंटर परीक्षा केन्द्र पर घने कोहरे और अगले – पिछले गेट से प्रवेश के उहापोह में छात्राओं के 2-4 मिनट लेट से परीक्षा केंद्र पर पहुंचने पर उन्हें परीक्षा भवन में प्रवेश से रोक दिया गया। रोती बिलखती छात्राओं द्वारा गुहार लगाये जाने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। दलसिंहसराय में तो छात्राओं पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज कर परीक्षा केंद्र से भगाया गया। भागने के क्रम में छात्राओं के छूटे जूता, चप्पल, टोपी से पुलिस की बर्बरता साफ उजागर हो रहा है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन आइसा जिला सचिव सुनील कुमार सिंह व जिला कमिटी सदस्य उदय कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 1- 2 मिनट लेट छात्राओं के प्रवेश का मामला केंद्राधिक्षक एवं मजिस्ट्रेट की मर्जी पर निर्भर करता है। लेकिन संवेदनहीनता और नैतिक उदासीनता का परिचय देते हुए छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर ठंड में उन्हें लाठीचार्ज कर खदेड दिया गया है। इससे छात्राओं को अगले दिन की परीक्षा में शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित होगी। समस्तीपुर में माहौल बिगडने की आशंका देखते हुए एएसपी संजय पाण्डेय ने मोर्चा संभाला और कहा कि परीक्षा खत्म होने के बाद बोर्ड द्वारा आयोजित विशेष परीक्षा में छात्रायें सम्मिलित हो सकती हैं। वहीं छात्राओं के हित में विशेष परीक्षा आयोजित करने की मांग छात्र संगठन आइसा जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से करते हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के दोषी पुलिस, केन्द्राधीक्षक और दंडाधिकारी पर सख्त कारवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि कारवाई नहीं होने पर हम आंदोलन चलाने को बाध्य होंगे।