पहलगाम मे नृशंस हत्याकांड के विरोध में बच्चे, युवा वा मीडियाकर्मी द्वारा कैंडल मार्च निकाला
पहलगाम मे नृशंस हत्याकांड के विरोध में बच्चे, युवा वा मीडियाकर्मी द्वारा कैंडल मार्च निकाला
जे टी न्यूज, विभूतिपुर: आज देर शाम में विभूतिपुर प्रखंड परिसर में आम आवाम, युवा, बच्चे दुकानदार जन प्रतिनिधियों द्वारा पहलगाम में विगत दिन आतंकवादियों द्वारा कश्मीर की सैर करने आए दर्जनों हिंदू सैलानियों को टारगेट कर गोलियों से छलनी कर नृशंस तरीके से हत्या कर दी। जिससे पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। फलत: अपने आक्रोश को दफनाकर शांति का पैगाम लिए विभूतिपुर प्रखंड के लोगबाग ने कैंडल मार्च निकाला। सैकड़ों की संख्या में लोग गांधी आंबेडकर स्मारक उद्यान पार्क में जमा होकर थाना मुख्यालय, हॉस्पिटल होते हुए मुख्य सड़क होते पुनः उद्यान में एकत्रित हो कैंडल को बापू और आंबेडकर प्रतिमा के सामने रखकर मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि दी गई तथा 2 मिनिट का मौन धारण कर मृत सैलानियों के प्रति श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से उन सभी के आत्मा की शांति के लिए प्राथना की गई। मृतकों के परिवारजनों के प्रति भी धैर्य और शक्ति प्रदान करने की प्राथना की गई।
इस दौरान युवाओं से रूबरू होते प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि दिलीप कुमार सिंह उर्फ पप्पू जी ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार को पूर्व में हुए पुलवामा में घटित 40 जवानों को बम विस्फोटक से हत्या जैसे घिनौनी कांड से सबक लेते हुए एक ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि भविष्य में फिर पुनरावृति नहीं हो।
समाजसेवी श्याम कुमार कुशवाहा ने कहा कि पहलगाम में आतंक के शिकार हुए प्रत्येक सैलानियों को शहीद का दर्जा देकर सरकार के द्वारा एक सच्ची श्रद्धांजलि मानी जाएगी तथा भविष्य में ऐसी घटना न हो एक कठोर सामरिक नीति का प्रयोग कर आर पार की लड़ाई से आतंक का जड़ से खात्मा हो सके। देश की संप्रभुता बहुत मायने रखती है।ये हम सब नागरिकों का सम्मान है,इसके साथ की समझौता नहीं। एक तरह से छद्म युद्ध चल रहा है जो कतई बर्दाश्त नहीं। वरिष्ठ मीडिया कर्मी मनोरंजन मिश्रा ने मोदी सरकार को कठोर चेतावनी देते हुए कहा कि मोदी जी आपने लगातार तीन टर्म से प्रधानमंत्री है बस अपने पद की चिंता किए बगैर एक ऐतिहासिक सामरिक नीति को लागू कर ऐसे आतंकी सरगना और उसे पनाह देनेवाले देश कोई भी हो बख्शा नहीं जाए । अमरजीत ठाकुर ने कहा कि आतंकी का कोई धर्म, जाति नहीं होती, कठोर दंड का भागीदार होता है।
प्रभु नारायण झा वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता हमारी कमजोरी नहीं समझे कोई भी राष्ट्र। हमारी सांस्कृतिक विरासत अक्षुण्ण है, और सदा रहेगा। राम कुमार महतो ने हमारे नेता सत्ता सुख को थोड़े देर के लिए दरकिनार कर दे तो हम हमेशा विश्वगुरु थे ,हैं और रहेंगे।
कैंडल मार्च में अशोक कुमार, सौरभ चौधरी, विनय कुमार राय, राजबली, धर्मेंद्र, विकास आदि सैकड़ों युवा छात्र छात्राएं भी थे।
