पत्रकार का कर्तव्य – एक विचार

पत्रकार का कर्तव्य – एक विचार जे टी न्यूज
पत्रकारिता एक मिशन है, न कि केवल एक पेशा।
यह समाज का दर्पण है, जो सत्य को उजागर करने का कार्य करता है। पत्रकार का प्रथम और परम कर्तव्य है—बिना किसी लालच, दबाव या स्वार्थ के, आम जनता तक सही और सटीक जानकारी पहुँचाना। आज जब पत्रकारिता पर व्यापारिक दबाव और राजनीतिक प्रभाव बढ़ता जा रहा है, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है—
*क्या हमें किसी की खबर मुफ्त में कवर करनी चाहिए?*
*क्या बिना लाभ के खबर दिखाना मूर्खता है?*
*क्या संपादक का समय और संसाधन मूल्यहीन हैं?*                                    पर सोचिए, यदि हर खबर पैसों के तराजू पर तोली जाए,
तो क्या पत्रकारिता जनता की आवाज़ बन पाएगी?
क्या हम वास्तव में पत्रकार कहलाने योग्य रह जाएंगे?

हमारा धर्म है—सत्य का साथ देना।
हमारा कर्म है—जनहित में काम करना।
समाज की पीड़ा, शोषण, भ्रष्टाचार और अन्याय को उजागर करना ही पत्रकार की पहचान है।

इसलिए—

हम वरिष्ठ एवं अनुभवी पत्रकार साथियों से अपील करते हैं कि:

1. पत्रकारिता की मूल आत्मा को बनाए रखें।

2. युवा पत्रकारों को व्यापार नहीं, समाज सेवा की भावना सिखाएं।

3. अपने अनुभवों से उन्हें मार्गदर्शन दें, ताकि वे कलम की ताकत को समझें, न कि उसकी कीमत।                                                                                हमारे शब्द बिकने नहीं चाहिए।
हमारी कलम झुकने नहीं चाहिए।
हमारी पत्रकारिता डरने नहीं चाहिए।
बस चलनी चाहिए—सत्य, न्याय और जनहित की दिशा में।

आप सभी का साथी.
राहुल रसीला….

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