भाव विहीन, दर्शन विहीन, भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला – प्रो0 मनोज कुमार झा





नरेन्द्र मोदी का बिहार दौरा भाव विहीन, दर्शन विहीन, भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला – प्रो0 मनोज कुमार झा


जे टी न्यूज़, पटना: राजद के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रो0 मनोज कुमार झा ने कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे का सभी को इंतजार था लेकिन उन्होंने भाव विहीन, दर्शन विहीन भ्रम की स्थिति पैदा करने वाला और खाली पोटली के अलावा कुछ नहीं था। प्रधानमंत्री जी ने 72 सौ करोड़ की योजना को सौगात कहकर लोकतंत्र का उपहास बनाया है। जबकि सभी को पता है कि बिहार के गरीब, किसान, मजदूर, डॉक्टर, वकिल, व्यापारी के गाढ़ी कमाई का टैक्स के दिये हुए पैसे से विकास योजना सरकार के माध्यम से चलते हैं। लेकिन इस तरह की शब्दावली बोलकर के इन्होंने जिस तरह की बातें की है, यह कहीं से उचित नहीं है। ऐसी शब्दावली को प्रधानमंत्री बोलना बंद करें। पटना को पुणे बनाने की बात करने वाले ये बतायें कि पारस अस्पताल में आपने इस तरह की डरावनी छवियां कभी बिहार में देखी है क्या? आज अपराधी बिहार में बेखौफ हैं और अपराधी के खौफ के कारण लोग डरावनी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। बिहार में बड़े पुलिस पदाधिकारी से जब सवाल किया जाता है तो उनके द्वारा मौसम का विश्लेषण करके हत्या कैसे हो रही है उसकी व्याख्या करते हैं। अगर सरकार के लोगों में साहस है तो यह बतायें कि जिनके परिवार की हत्या हुई है उनको ये बात बताने की हिम्मत अधिकारी या नेता रखते हैं, ये बताये? प्रधानमंत्री जी किस मुंह से जंगलराज की बात करेंगे जबकि बिहार में महाजगंलराज की जैसी स्थिति दिख रही है और उनको भी पता है कि बिहार में संवदेन शून्य सरकार चल रही है। बिहार में दिल्ली दरबार से सरकार चल रहा है और जिनको बिहार चलाना था वह अपना घर भी नहीं चला पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें खूद पता नहीं है कि वो क्या कर रहे हैं? उन्हें अपने दल के नेताओं और नुमाइंदे से पता कर लेना चाहिए था कि बिहार में कैसा राज्य चल रहा है।

इन्होंने आगे कहा कि 11 वर्ष पहले मोतिहारी में नरेन्द्र मोदी ने ही कहा था कि मोतिहारी चीनी मिल चालू करवाकर उसी चीनी मिल से चाय पीयेंगे। लेकिन आज तक मोतिहारी के लोग इंतजार ही कर रहे हैं कि और लोगों को लग रहा था कि आज मोतिहारी आने से पहले वो चीनी मिल चालू हो जायेगा। लेकिन कहीं कुछ नहीं हुआ। बिहार में आकर नीला पट्टा पहन लेते हैं लेकिन बाबा साहेब का उपहास बनाने वाले इनके ही पार्टी में हैं और इन्होंने स्वयं भी जातिगत जनगणना का उपहास उड़ाया था। नरेन्द्र मोदी जी ने कभी भी बाबा साहेब को अंगीकार नहीं किया। बिहार में गरीबों के साथ लगातार अन्यायपूर्ण व्यवहार हो रहा है लेकिन प्रधानमंत्री जी ने चुप्पी साधे हुए हैं। प्रो0 मनोज कुमार झा ने आगे कहा कि तेजस्वी जी ने नौकरी, रोजगार, विकास और बिहार में महिलाओं तथा गरीबों के लिए जो लकीर खींच दी है, उसके पीछे-पीछे चलने को डबल इंजन सरकार मजबूर है। 17 महीने में तेजस्वी जी ने 05 लाख 50 हजार नौकरी दिये और साढ़े 03 लाख प्रक्रियाधीन छोड़कर आये। प्रधानमंत्री जी आपने कहीं न कहीं तथ्यों से अलग हटकर जो मिथ्या बातें की वह उचित नहीं है। आपको ईमानदारी से ये बताना चाहिए था कि औद्योगिक क्षेत्र और पूंजीनिवेश के मामले में गुजरात के लिए सबकुछ करते हैं लेकिन बिहार के लिए कुछ नहीं। पूंजी गुजरात में लगाते हैं और मजदूर बिहार के ले जाते हैं, ये परम्परा अब नहीं चलेगी। आने वाले समय में तेजस्वी जी के नेतृत्व में बिहार में पूंजी आयेगा और हम गुजरात से मजदूर लायेंगे ऐसी परम्परा कायम करना चाहते हैं। मोदी जी आप भेष बदलकर गांव देहात में चले जायें आपको पता चल जायेगा कि और लोग स्वयं कहेंगे कि तेजस्वी और राजद ने रोजगार और नौकरी दिया और बिहार के विकास को आयाम दिया। चलती योजना का रैपर बदलकर बेईमानी का इरादा लेकर आप जो बिहार आते हैं वो लोग आपकी नीयत को समझ चुके हैं। इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता, विधान पार्षद कारी मोहम्मद सोहैब, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता श्री शक्ति सिंह यादव, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, श्रीमती मधु मंजरी एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के श्री उपेन्द्र चन्द्रवंशी उपस्थित थे।

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