अमृतकाल के भारत में कालापानी जैसी सजा भुगत रहे कोशी पीड़ित : तुषार गांधी
बापू को चंपारण आने पर जैसे दिखा था उसी तरह कोशी पीड़ितों की दुर्दशा : तुषार गांधी
अमृतकाल के भारत में कालापानी जैसी सजा भुगत रहे कोशी पीड़ित : तुषार गांधी
- बापू को चंपारण आने पर जैसे दिखा था उसी तरह कोशी पीड़ितों की दुर्दशा : तुषार गांधी
कोशी पीड़ितों की आवाज में साथ खड़ा रहूंगा : तुषार गांधी

जे टी न्यूज, सुपौल: महात्मा गांधी जी के प्रपौत्र तुषार गांधी जी , किसान नेता डॉ सुनीलम सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता कोशी तटबंध के भीतर के गांवों में “कोशी पीड़ित जनसंवाद” आयोजित किए।
कोशी नव निर्माण मंच द्वारा आयोजित जन संवाद में बोलते हुए तुषार गांधी ने कहा कि तटबंध के भीतर के लोगों की दुर्दशा देखकर लगता है, कि अमृत काल के भारत के होर्डिंग देखते आया और कोशी पीड़ितों की दुर्दशा देखकर लगता है कि ये लोग काला पानी की सजा भोग रहे है।

बापू जब चंपारण आए थे और उन्होंने जो वहां की दुर्दशा देखी उसी तरह की दुर्दशा में कोशी तटबंध के भीतर के लोग हैं। मै किसी ऐसे जिम्मेवार पद पर नहीं हूं कि इनके लिए कुछ तत्काल कर सकता हूं परन्तु इतना जरूर करूंगा कि उनकी आवाज उठाऊंगा और उनके संघर्षों में शामिल होऊंगा।
तुषार गांधी का कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत कोशी महासेतु के समीप बैंगा सनपतहां बाढ़ आश्रय स्थल पर आयोजित किया गया वहां के लोगों ने इस साल की बाढ़, की पीड़ा बताई वहां से नाव द्वारा सिसौनी पंचायत के एकडेरा गांव के टीले पर संवाद हुआ जहां के लोगों ने भीषण बाढ़, स्कूल और उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने, पुनर्वास की बात उठाई महिलाओं ने भावुक होकर अपनी भोगी हुई पीड़ा बयान किया।

मौजहां पंचायत के पंचागछिया मेला स्थल पर आयोजित संवाद में महिला पुरुष, बच्चे, बच्चियां सभी लोग इस साल की पीड़ा बताते हुए रो पड़े और घर कटने के बाद बसने की दुर्दशा, बाढ़ में सांप काटने के बाद इलाज के अभाव में होने वाली मौतें, प्रसव में मौतों की पीड़ा बताई। किसानों ने लगान लेने, सर्वे के नाम पर कर्मियों द्वारा नदी के नाम उनकी जमीन करने और फैले भ्रष्टाचार की बात उठाई बाढ़ राहत , कटाव नहीं मिलने, पुनर्वास की समस्या रखी।
घोघरिया पंचायत के माना टोला खोखनाहा में कोशी पीड़ितों के संवाद में लोगों ने कोशी पीड़ित विकास प्राधिकार, लगन, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुनर्वास की मांग उठाते हुए अपनी पीढ़ा बताई। कार्यक्रम में राजू खान, संदीप यादव, अर्चना सिंह, सतीश सुमन, शिवशंकर मंडल, राम चंद्र यादव, चंद्र मोहन, राजेंद्र, अरविंद मेहता, हरिनंदन, धर्मेन्द्र, बिजेंद्र भारती, राजेश मंडल, सिंघेश्वर राय, संतोष मुखिया व महेंद्र यादव प्रमोद यादव, पत्रकार व अन्य लोग थे।
वहीं श्री तुषार गांधी के साथ डा सुनीलम, शाहिद कमाल, गुड्डी , गुजरात से आए मुजाहिद नफीस , अरविंद मूर्ति , अलाउद्दीन शैख, अभिषेक प्रियदर्शी, राष्ट्र सेवा दल के ऋषिकेश कुमार ,पटना से टीपू सुलतान, अजय सहनी ने कई बात रखी शामिल हैं।


