मानसी नगर पंचायत में जल निकासी की गंभीर समस्या, नागरिकों ने जल्द नाला निर्माण की उठाई मांग

मानसी नगर पंचायत में जल निकासी की गंभीर समस्या, नागरिकों ने जल्द नाला निर्माण की उठाई मांग

जे टी न्यूज, मानसी /खगड़िया:
मानसी नगर पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 18, व्यापार मंडल क्षेत्र, बापू स्मारक विद्यालय, मध्य विद्यालय गुज्जू साह और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रतिदिन भारी जल-जमाव के बीच आवागमन को मजबूर हैं। समस्या की जड़ एन एच-95 (एसएच-95) सड़क मार्ग के नीचे पुराने नाले के बंद हो जाने के कारण है, जिससे बरसात के मौसम में जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इससे क्षेत्र में भारी जल-जमाव की स्थिति बन जाती है और आमजन को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

यह स्थिति सिर्फ छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं के लिए भी परेशानी का सबब बनी हुई है। क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बम काली मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, जिन्हें जल-जमाव के कारण भारी कठिनाई होती है। नाले के अभाव में नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पहले इस मार्ग पर जल निकासी हेतु एक नाले का निर्माण किया गया था, जो एसएच-95 के नीचे से गुजरता हुआ मदराशार की ओर पानी को ले जाता था। लेकिन एसएच-95 के निर्माण के दौरान ठेका एजेंसी द्वारा पुराने नाले को बंद कर दिया गया, जिससे जल निकासी का एकमात्र मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। इसके परिणामस्वरूप न सिर्फ जल-जमाव होता है, बल्कि सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

इस विषय में छात्र राजद नेता प्रिंस कुमार, वार्ड पार्षद रंजीत कुमार, और स्थानीय नागरिकों ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत मानसी को आवेदन पत्र देकर मांग की है कि एसएच-95 के नीचे से पुनः नाला खुदाई कर शीघ्र निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जल निकासी का कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं है और यह समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।

प्रिंस कुमार ने बताया कि छात्रों को विद्यालय जाने में भारी दिक्कत होती है। कीचड़, जल-जमाव और बदबूदार पानी से गुजरना पड़ता है, जिससे पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर वार्ड पार्षद रंजीत कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह समस्या वार्ड के मुख्य मार्ग को पूरी तरह प्रभावित कर रही है और नगर पंचायत को तत्काल संज्ञान लेकर निर्माण कार्य शुरू करना चाहिए।

यह भी बताया गया कि पूर्व में यह नाला अत्यंत उपयोगी था और क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करता था। लेकिन निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण अब वह बंद हो चुका है और लोगों को वर्ष भर समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।

नागरिकों ने इस संबंध में राज्य सरकार, जिला प्रशासन और पथ निर्माण विभाग को भी सूचित किया है। प्रिंस कुमार ने बताया कि उन्होंने इस आवेदन की प्रतिलिपि माननीय पथ निर्माण मंत्री, सचिव, स्थानीय विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष और जिला पदाधिकारी को भी भेजी है, ताकि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

स्थानीय जनता ने एक सुर में कहा कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो उन्हें जन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। यह केवल एक नाले का मामला नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की दैनिक समस्या का सवाल है।

जनहित में यह मांग की जाती है कि जल्द से जल्द एसएच-95 के नीचे से नाला खुदाई कर निर्माण की प्रक्रिया आरंभ की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और छात्र-छात्राएं सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें।

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