डी. रविंद्रन अध्यक्ष, पुष्पेन्द्र त्यागी महासचिव, प्रभुराज नारायण राव कोषाध्यक्ष निर्वाचित
डी. रविंद्रन अध्यक्ष, पुष्पेन्द्र त्यागी महासचिव, प्रभुराज नारायण राव कोषाध्यक्ष निर्वाचित 
जे टी न्यूज़, पन्हाला हिल्स,कोल्हापुर ,महाराष्ट्र : अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ की राष्ट्रीय कमिटी की बैठक का. डी. रवींद्रन की अध्यक्षता में पन्हाला हिल्स, कोल्हापुर में प्रारंभ हुई।बैठक को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव बीजू कृष्णन ने कहा कि आज केन्द्रीय सरकार के कारपोरेट परस्त होने के चलते किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।गन्ना पूरे साल का एक ही फसल है।यह सबसे ज्यादा पानी भी खाता है। लेकिन गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है।आज गन्ना किसान चीनी मिल प्रबंधन के शोषण के शिकार हो रहे हैं।इस शोषण से किसानों को बचाने के बदले केंद्र की मोदी सरकार और राज्य सरकारें मिल प्रबंधन पक्षीय नजर आ रहे हैं। गन्ना पर केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी का निर्धारण नहीं है।राज्य सरकारों द्वारा SAP नहीं दिया जा रहा है।इसलिए गन्ना किसानों को अपनी बेहतरी के लिए संघर्ष के रास्ते पर जाना ही होगा। का. डी. रवींद्रन ने कहा कि आज सबसे ज्यादा गन्ना किसान तमिलनाडु में आंदोलन कर रहे हैं।शुगर कंट्रोल एक्ट 1966 के आधार पर किसानों के बकाए का दाम ब्याज आधारित नहीं मिल रहा है।महाराष्ट्र में गन्ना किसानों का सबसे ज्यादा लूट हो रहा है।हमें एक बड़ा आंदोलन के लिए संगठन को मजबूत बनाना है। अखिल भारतीय गन्ना किसान महासंघ के महासचिव का. पुष्पेंद्र त्यागी ने कहा कि आज जरूरत है को ऑपरेटिव चीनी मिलों को बचाना है।उसे सरकारी माफियाओं द्वारा औने पौने दामों खरीदने की सिलसिला जारी है।
उन्होंने चीनी मिलों द्वारा की जा रही घटतौली पर रोक लगाने तथा मिल प्रबंधन पर कारवाई करने की मांग की। अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने कहा कि चीनी मिलों के बन्द होने के पीछे मिल मालिकों का बड़ा हाथ है।वे चीनी मिलों पर भारी मात्रा में सरकारी सब्सिडी और लोन लेकर दूसरे उद्योग में पैसे लगा कर मिलों को दिवालिया घोषित कर देते हैं।जिससे सरकार और बैंकों को भारी घटा उठाना पड़ता है।फिर भी सरकार मौन नजर आती है।हमें इस लुट के खिलाफ भी आंदोलन खड़ा करना होगा। महाराष्ट्र के का. उमेश देशमुख,हरियाणा के का. बलवान सिंह,कर्नाटक के का. भरत राज,तमिलनाडु के का. ह्वेल मारन , दीपक ,अमोल ,नागराज,सुनील मालिक ने अपने महत्वपूर्ण विचारों को रखा। अंत में केन्द्रीय कमिटी का सांगठनिक विस्तार किया गया।जिसके अनुसार का. डी. रविंद्रन अध्यक्ष,का. पुष्पेन्द्र त्यागी महासचिव,का. प्रभुराज नारायण राव कोषाध्यक्ष सहित 29 सदस्यीय केन्द्रीय कमिटी बनाई गई।


