किसान नेता प्रोफेसर योगेन्द्र यादव कर रहे युवाओं नौजवानों से संवाद
किसान नेता प्रोफेसर योगेन्द्र यादव कर रहे युवाओं नौजवानों से संवाद

जे टी न्यूज, मधुबनी: इन दिनों प्रोफेसर योगेन्द्र यादव एक मशहूर पत्रकार, उत्कृष्ट लेखक चुनाव विश्लेषक, किसान नेता, भारत जोड़ो अभियान के समन्वयक एक सप्ताह से बिहार के गांव में जगह-जगह घुम घुम कर युवाओं नौजवानों से संवाद कर रहे हैं। 16 अक्टूबर 2025 को प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि–
बिहार में इस वक्त जो सरकार चल रही है वह झूठ की सरकार है, लूट की सरकार है और फुट की सरकार है। इसलिए इस सरकार को सुशासन की सरकार कहना इससे बड़ा मजाक कोई और नहीं हो सकता है। जो सरकारें जनता को पढ़ाई, कमाई, दवाई नहीं दे सका, वैसी सरकार को सुशासन नहीं कहा जा सकता है।
आज बिहार के स्कूलों में 2.5 लाख शिक्षक का पद खाली है। सरकार इतने शिक्षित बेरोजगारों को भी नौकरी नहीं दे सकी है। बिहार से प्रतिवर्ष 75% लोग दुसरे राज्यों में रोजी-रोटी, नौकरी रोजगार खोजने केलिए जाते हैं। सरकार जनता को दवाई और सस्ती चिकित्सा नहीं दे सका है। जैसा कि हॉस्पीटल की स्थिति बना दी गई है। वैसी स्थिति में बिहार की जदयू-भाजपा सरकार को सुशासन की सरकार कहना भद्दी मजाक से कम नहीं है।
लूट की हालत यह है कि मौजूदा सरकार ने अपने मित्रों को यानि अडानी को भागलपुर में एक रुपए प्रति एकड़ के दर से 1 हजार 50 एकड़ जमीन बेच दी है। एक तरफ सरकार कहती हैं की गरीब आदमी को आवासीय केलिए 3 डीसमल जमीन देने केलिए सरकार के पास नहीं है। वहीं देश के सबसे अमीर आदमी के हाथों मुफ्त में जमीन दे दी है। एक साल के अंदर बड़े/ छोटे डेढ़ दर्जन पुलें स्वत: गिर कर जमीन रोज हो जाती है।
पुरे देश में एनडीए हिन्दू मुस्लिम की नफरती माहौल बना दी है। अशांति की वातावरण बनाने में लगी हुई है, तानाशाही रवैया अपनाई हुई है। नीतीश सरकार भी एनडीए सरकार की भागीदार है। नीतीश कुमार जी मेरे गुरु भाई है। उनका भी और मेरा भी राजनीति गुरु किशन पटनायक है। लेकिन नीतीश कुमार जी भाजपा आरएसएस के साथ चलने लगे। मौजूदा समय में नीतीश कुमार जी भाजपा आरएसएस का मुखौटा बनकर रह गया है। भाजपा आरएसएस की सरकार में केवल फूट की बातें हो रही है जो बड़े ही खतरनाक काम हो रहा है।

अब इन से भी काम नही चलने का डर सता रहा है तो अब वोटर को घूस दे कर उसका वोट लेने का प्रयास किया जा रहा है। अब महिला वोटर को दस-दस हजार रुपए बिना कोई सरकारी योजनाएं एवं बिहार के भविष्य से जुड़े हुए एवं चुनाव से ठीक पहले सरकार बैंक से ऋण ले कर महिलाओं को देना शुरू कर दिया है जो लोकतंत्र को हाशिए पर धकेल ने का काम कर रही है। इस रूपये को व्याज के साथ वापस करना है।
इस वक्त बिहार में सरकार में बदलाव का वक्त समय की मांग है। अभी ये जो बदलाव करने वाली गठबंधन दुध के धूले हुए नहीं हैं। लेकिन सत्ता जनता से डरी रहती है तो जनता का काम अधिक होता है। जब सरकार को जनता के डर नहीं रहता है तो वह तानाशाह हो जाता है।
भारत में जब-जब संकट आया है तो बिहार को लोगों ने देश को दिशा दिशा है। हमें पूर्ण भरोसा है बिहार के क्रांतिकारी छात्र नौजवानों, वैचारिक समझ से ओतप्रोत जनता बदलाव ला के रहेगा। बिहार के अंदर राजद कम्युनिस्ट, कांग्रेस कभी भी भाजपा के साथ नहीं जायेगा। बांटी दले क्या कर सकते हैं या किससे हाथ अब मिला लेंगे कहा नहीं जा सकता है। लेकिन इंडिया गठबंधन भाजपा आरएसएस एनडीए सरकार के सामने बिहार बदलाव की लड़ाई लड़ रही है। इसलिए स्वाराज इंडिया की ओर से मैं भी इंडिया गठबंधन को समर्थन दे रहा हूं।
बिहार ने 1974 आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस हुकूमत से भी लड़ा भी जीता भी। 1990 में साम्प्रदायिक रथ को भी बिहार ने रोक कर देश को नई दिशा दिया है। संकलन राम सुदिष्ट यादव भारत जोड़ो अभियान मधुबनी बिहार।


