बिहार के विकास के लिए इंडिया महागठबंधन को जनता दें एक मौका: डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह जे टी न्यूज़,
बिहार के विकास के लिए इंडिया महागठबंधन को जनता दें एक मौका: डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह
जे टी न्यूज़,

पटना : पटना के होटल मौर्या में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आज संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर जनता से एनडीए के 20 वर्षों क5 साल का मौका मांगा और दूसरे चरण में भी इंडिया महागठबंधन के पक्ष में मतदान की अपील की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि बिहार विधानसभा में चुनाव प्रचार इस बार अलग रहा, जहां 20 वर्षों से शासन करने वाला गठबंधन लगातार नकारात्मक बातों का इस्तेमाल अपने प्रचार में करता रहा वहीं हमारा इंडिया महागठबंधन लगातार सकारात्मक मुद्दों पर स्थिर रहा। हमारे नेताओं ने लगातार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन रोकने और महिलाओं के हितों में, अपराध, भ्रष्टाचार और कमीशन के खिलाफ अपने वक्तव्यों को रखा। कमोबेश 20 सालों की नीतीश भाजपा सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रखने से पूरे चुनाव में बचती रही और बार बार विपक्ष को निशाने पर लेकर जनता के बीच भाषाई मर्यादा को तार तार कर दिया। जब भी हमने उन्हें मुद्दों पर घेरा तब वें लोग बहानेबाजी कर निकलना चाहे। यह ठीक स्कूल के उस बच्चे की तरह रहा जो फेल होने पर अपना परीक्षा रिपोर्ट कार्ड नहीं दिखाता और स्कूल, शिक्षक और परिस्थितियों को दोष देने लगता है। प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री और स्थानीय नेता तक कट्टा, घुसपैठिया, हरामखोर, गुंडा और क्या क्या बोल चुनावों में जनता के समक्ष पेश हुए। बिहार को विकास चाहिए ये औद्योगिक, सामाजिक और आर्थिक के साथ युवाओं को रोजगार की आवश्यकता है। बिहार से सबसे ज्यादा पलायन का दंश हमारे लोग झेलने को मजबूर हैं जबकि इस पर राज्य की एनडीए सरकार मौन साध लेती है। बिहार से सस्ते मजदूर को पलायन करने को मजबूर किया जाता है और उन्हें कार्यस्थल पर हिंसा और शोषण का शिकार होना पड़ता है। जब हमने चुनावों में संविदा कर्मियों को नियमित और नए रिक्तियों को भरने की बात कही तो सत्ता पक्ष ने नाटकीय ढंग से कहा कि ईश्वर भी इन रिक्तियों को नहीं भर सकते हैं। हम बिहार के युवाओं को नौकरियां देने को प्रतिबद्ध हैं लेकिन सत्ता पक्ष ने पूरे चुनाव में हम नौकरियां कैसे देंगे हताशा निराशा में आकर उल्टा हमसे ही सवाल करने लगी। बिहार की जमीन उपजाऊ है और इसका सार्थक इस्तेमाल होना चाहिए लेकिन यहां के मुख्यमंत्री और उनकी सहयोगी भाजपा लैंड लॉक राज्य का हवाला देकर विकास में पिछड़ने पर रोने लगती है।

राष्ट्रीय महासचिव सांसद डॉ सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि बिहार की जनता हमें केवल 5 साल दें और हम सभी वादों को अक्षरशः पूरा करेंगे।अपराध पर बोलते हुए डॉ सैय्यद नासिर हुसैन ने कहा कि बिहार में व्यवसायी, महिला, युवा और आम जनता सभी अपराध से त्रस्त हैं। भाजपा और एनडीए पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि पांच साल में एक बार घुसपैठियों पर इनकी नजर जाती है जबकि बिहार में दो सबसे बड़े घुसपैठिए आएं हुए हैं जो गुजरात के दो और घुसपैठिए को देश विदेश में ठेके दिलाने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं। ये लड़ाई वैचारिक है जो दो सोच के बीच है, इसलिए बिहार की आम जनता अपना वोट बर्बाद ना करें और इंडिया महागठबंधन को चुनकर पांच साल का मौका दें।
कांग्रेस के कार्यसमिति सदस्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महागठबंधन की योजनाएं जनहित से जुड़ी हैं। अस्पताल, नौकरी, बिजली बिल मुफ्त, सामाजिक सुरक्षा, पुरानी पेंशन स्कीम गारंटी जैसी प्रमुख जनहित के मुद्दों को हमारी सरकार बनते हम लागू करेंगे। हम अपनी चुनावी घोषणा पत्र को बिहार में लागू करेंगे। लचर कानून व्यवस्था को ठीक करेंगे और नौकरियां, फैक्ट्री, शिक्षा को बिहार में बेहतर बनाएंगे। बिहार ने हमेशा आगे बढ़ कर परिवर्तन लाया है। हमारा चुनावी कैंपेन और प्रचार पूरी तरीके से सकारात्मक पहलुओं पर रहा और हमने विकास को तरजीह दी वहीं भाजपा एनडीए ने लगातार 20 वर्ष पुरानी बातों को उठाकर अपनी नाकामियों को छिपाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के शासन काल के 20 साल को हमने देखा अब जनता से अपील है कि हमें 5 साल दीजिए और परिवर्तन महसूस कीजिए। हमारी सरकार बनते हम बेरोजगारी पलायन को खत्म करेंगे, हर परिवार को सरकारी नौकरी, दो सौ यूनिट तक बिजली फ्री, 500 रुपए में सिलिंडर, पुरानी पेंशन स्कीम को लागू करना, 2500 रुपए प्रतिमाह महिलाओं को धनराशि जो 30000 रुपए सलाना होगी उपलब्ध कराएंगे, दिव्यांगों वृद्धों को सरकारी सहायता के रूप में धन राशि मासिक तौर पर सीधे उन्हें उपलब्ध कराएंगे। पत्रकारों के लिए मुफ्त हॉस्टल और इलाज के साथ 25 लाख का इलाज राशि भी हमारी सरकार देगी। साथ ही उन्होंने दावा किया कि सहारा का फंसा लाखों रुपया के वापसी के लिए एसआईपी का गठन करेंगे।
साथ ही सांसद डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि आरक्षण की तय सीमा को बढ़ाकर उसे विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी जिससे उनकी हिस्सेदारी बढ़े। दलितों की हकमारी बंद करने के लिए भी सरकारी स्तर पर कानून बनाकर उनके हक में फैसले हमारी सरकार लेगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि दस से ज्यादा पेपर लीक, घोटाला,
3.18 करोड़ लोगों का पलायन और 67 रुपए रोज पर गुजारा करने वाली जनसंख्या का भलाई हम करेंगे।
राज्यसभा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ अखिलेश प्रसाद सिंह ने इंडिया महागठबंधन के घोषणापत्र के प्रमुख बिंदुओं को रेखांकित किया जिनमें
बिहार के लिए महागठबंधन की पाँच साल की गारंटी
1. हर परिवार को 1 सरकारी नौकरी
2. महिलाओं को हर महीने ₹2,500 सहायता
3. 200 यूनिट तक फ्री बिजली
4. ₹500 में गैस सिलेंडर
5. वृद्धजनों को ₹1,500 मासिक पेंशन
6. दिव्यांगों को ₹3,000 मासिक पेंशन
7. महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा
8. जीविका दीदियों को ₹30,000 सैलरी
9. पत्रकारों के लिए रहने का हॉस्टल और मुफ्त इलाज
10. ₹25 लाख तक फ्री इलाज की सुविधा
11. वकीलों को ₹10 लाख का जीवन बीमा और ₹15 लाख का स्वास्थ्य बीमा
12. सहारा में फंसे पैसों को वापस दिलाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन
13. सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू की जाएगी
14. आरक्षण की 50% सीमा बढ़ाने हेतु विधान मंडल पारित कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा
15. अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30%, अनुसूचित जाति (SC) का 16% से 20% और अनुसूचित जनजाति (ST) का 1% से 2% किया जाएगा
16. दलितों के उत्पीड़न के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे
17. अत्यंत पिछड़ा अत्याचार निवारण अधिनियम पारित किया जाएगा
18. महादलित, अतिपिछड़े और भूमिहीन वर्गों को बंजर या खाली ज़मीन पर सामूहिक खेती के लिए भूमि पट्टा दिया जाएगा
19. किसानों को उनकी उपज पर समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाएगी
20. खेती के लिए 24 घंटे मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रमुख रहीं।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद में दल के नेता डॉ मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस और महागठबंधन ने सकारात्मकता के साथ चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया तो वहीं भाजपा एनडीए ने शाब्दिक मर्यादाओं की हत्या कर बेहद निम्न स्तर पर प्रचार किया। हमारा चुनावी घोषणापत्र बिहार को आगे ले जाने के लिए एक पवित्रता के साथ निर्मित है जिसे हम मजबूती से लागू करेंगे वहीं भाजपा एनडीए का घोषणा पत्र पूर्व की भांति राजनीतिक जुमला है। अपने शासन काल का रिपोर्ट कार्ड पेश किए बगैर सत्ता पक्ष चुनाव में उतर रही है जो उसकी कमजोरी बताने को काफी है।
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने सत्तारूढ़ दल को लेकर कुठाराघात किया कि छोटे नेताओं से लेकर वरिष्ठ और वरिष्ठतम नेताओं ने बिहार विधानसभा चुनाव में शाब्दिक मर्यादा को तार तार किया। उन्होंने एनडीए के शासन काल पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस सरकार में ऐसी डबल इंजन लगी है जिसमें दोनों इंजन उल्टी दिशा में लगे हैं, जो एक दूसरे को अपनी ओर खींच रही है जिससे बिहार में विकास का पहिया रुका हुआ है क्योंकि दोनों इसे आगे बढ़ने से रोक रही है। चुनाव के समय महिलाओं के खाते में दस हजार रुपए बांटने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर इस सरकार ने काम किया होता तो आखिरी वक्त पर उन्हें महिलाओं को रुपए बांटने की नौबत नहीं आती। 33% से ज्यादा गरीबी वाले हमारे राज्य बिहार में स्थायी विकास के बारे में वर्तमान सरकार ने कभी नहीं सोचा लेकिन अब चंद रुपए लोन के रूप में देकर वोट खरीदने की कवायद कर रही है।
राष्ट्रीय नेता कुमार अनुपम ने अपने संबोधन में वर्तमान केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य के विकास में केंद्र की एनडीए सरकार को 11 वर्षों का तो राज्य की सत्तारूढ़ दल को 18 वर्षों का रिपोर्ट जारी करना चाहिए कि आखिर उसने बिहार के विकास के लिए कितनी योजनाएं और नीतियां धरातल पर उतारी हैं। चुनावी रैलियों में बिहार के लिए लोकलुभावन घोषणाएं करने वाली सरकार अपनी जिम्मेदारियों में फिसड्डी साबित होती रही है।
संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय दुबे, बिहार कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, एआईसीसी के चीफ मीडिया कॉर्डिनेटर संजीव सिंह, जितेंद्र गुप्ता, डॉ. स्नेहाशीष वर्धन पाण्डेय सहित अन्य नेतागण मौजूद रहें।


