चौसा थर्मल प्रबंधन ने धरणार्थी किसानों की मांगों को पूरा करने का दिया आश्वासन

चौसा थर्मल प्रबंधन ने धरनार्थी किसानों की मांगों को पूरा करने का दिया आश्वासन

जे टी न्यूज, चौसा: थर्मल प्रबंधन को किसानों के प्रतिनिधियों ने सभी मांगों को जल्द पूरा करने का दिया अल्टीमेटम।

थर्मल पावर प्लांट के मुख्य द्वार पर आयोजित महाधरना में शामिल हजारों किसानों,मजदूरों,नौजवानों एवं महिलाओं को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता दिनेश कुमार ने कहा की प्रभावित किसानों मजदूरों,पौनी एवं नौजवानों की सभी मांगें जायज है। मगर थर्मल प्रबंधन की हठधर्मिता के कारण लोगो में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।थर्मल प्रबंधन जल्द से जल्द इनके मांगों को पूरा करें वर्ना यदि प्रभावित लोगों का धैर्य टूटा तो एस टी पी एल को कारखाना चलाना मुश्किल होगा।उन्होंने कहा कि 1064 एकड़ अधिग्रहित जमीन से प्रभावित मजदूरों एवं पौनी को एक मुस्त आर जी का 5,00,000रु तथा मजदूरों को 750 दिनों की मजदूरी का भुगतान 2016 में ही हो जाना था,वह आज तक नहीं हुआ। जो भुगतान भी हुआ है,वह भी नियमानुसार नहीं है।प्रभावित लोगों को जो भी मिला वह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने प्रभावित परिवारों,मजदूरों एवं नौजवानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। संयुक्त किसान मोर्चा,बिहार के नेता अशोक प्रसाद सिंह ने कहा कि हमारे पुरखों ने पेट काट कर अपने जमीन को बचाया।बेटा से भी ज्यादा वे अपने जमीन से प्यार करते थे। किसानों एवं मजदूरों ने देश के लिए अपने बेटा को कारगिल के मोर्चे पर कुर्बान किया था।उसी प्रकार आज चौसा के किसानों ने अपने बेटा से बढ़कर अपने जमीन रूपी बेटा को देश के विकास के लिए कुर्बान किया है। इसे थर्मल प्रबंधन और सरकार को समझना होगा। जमीन का क्या महत्व है, यह कोरोना काल में लोगों ने देखा और महसूस किया है।इसलिए किसानों, मजदूरों एवं उनका भविष्य उनके बच्चों को जिंदा रहने के लिए जीने का सहारा प्लांट में रोजगार के रूप में देना होगा। वर्ना हम एक बड़े जंग के लिए मजबूर होंगे।महाभारत से पहले कृष्ण ने भी दुर्योधन को समझाने गए थे और पांच गांव की मांग की थी। आज किसान,मजदूर,छात्र,नौजवान एवं महिलाएं मिलकर इस प्लांट के प्रबंधन से यह कहने आए हैं कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गई,तो फिर हम संघर्ष के रास्ते बढ़ने को मजबूर होंगे। प्रबंधन को यह समझना चाहिए कि किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं जीवन दाता है। प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा के सचिव बृजेश राय ने कहा कि प्लांट में नौकरी एवं रोजगार के लिए 2019-20 से ही स्थानीय बेरोजगार युवकों ने आवेदन दिया, परंतु कंपनी द्वारा स्थानीय युवकों को तरजीह नहीं देकर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दे रही है। जमीन दिया और प्रदूषित हवा से पीड़ित होंगे हम और लाभ लेगा बाहरी, इसे कतई हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्थानीय युवकों में प्रबंधन के खिलाफ भारी आक्रोश बढ़ रहा है। प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा के नेता रामप्रवेश सिंह ने कहा कि कोल्ड डंपिंग यार्ड से प्रदूषण लगातार जारी है।आसपास के गांव खासकर खिलाफतपुर, नरयनापुर,अखोरीपुर,कनक नारायणपुर,बनारपुर, सिकरौल समेत दर्जनों गांव में कोल डंपिंग से लोगों का जीना हराम हो गया है।पर्यावरण सुरक्षा को लेकर कंपनी और प्रशासन का रवैया अपेक्षा पूर्ण है। इसका समाधान जल्द नहीं हुआ तो हमें आगे संघर्ष को तेज करना होगा। धरनार्थियों को किसान नेता अंशु चौबे,मुन्ना तिवारी, मुखिया ममता देवी,उपेंद्र राय,बसंती देवी,नंदलाल सिंह, घनश्याम चौधरी,इसराइल खान,शैलेश राय ने संबोधित किया। इस अवसर पर आयोजित सभा की अध्यक्षता ललितेश्वर राय ने की जबकि मंच संचालन किसान नेता नंद कुमार राम और विजय नारायण राय ने की। थर्मल प्लांट प्रबंधन की ओर से प्रतिनिधिमंडल मिलने का बुलावा आने पर किसान नेता दिनेश कुमार,अशोक प्रसाद सिंह,बृजेश राय,अंशु चौबे,मुन्ना तिवारी,नंद लाल सिंह,विजय नारायण राय,बसंती देवी थर्मल प्लांट के सीईओ से मिलकर अपना स्मार-पत्र सोपा। घंटों बहस मुहाबसे के बाद प्रबंधन ने किसानों के सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए प्रबंधन की ओर से पहल करने की शुरूआत करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने एक स्वर से प्रबंधन को 20 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया। यदि हमारी मांगें नहीं मानी गई तो अपने संघर्षो को तेज करेंगे और जरूरत पड़ी तो प्लांट का घेराव भी करेंगे तथा घेरा डालो डेरा डालो शुरू करेंगे।

Related Articles

Back to top button