या हुसैन-या अली’ के नारों से गूंज उठा सेमरी, पारंपरिक ताजिया जुलूस ने बांधा समां
अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब, सुरक्षा में मुस्तैद रहा पुलिस प्रशासन; भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ मोहर्रम
या हुसैन-या अली’ के नारों से गूंज उठा सेमरी, पारंपरिक ताजिया जुलूस ने बांधा समां
अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब, सुरक्षा में मुस्तैद रहा पुलिस प्रशासन; भाईचारे के माहौल में संपन्न हुआ मोहर्रम

जे टी न्यूज, करगहर(रोहतास)रोहतास जिले के करगहर प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरी में मोहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा,अनुशासन और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। ताजिया जुलूस के दौरान पूरा गांव “या हुसैन, या अली” के नारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस में भाग लिया और पारंपरिक अखाड़ों के खिलाड़ियों ने अपने हैरतअंगेज करतबों से लोगों का मन मोह लिया।
*इमाम हुसैन की कुर्बानी को किया याद*
मोहर्रम इस्लाम धर्म में इमाम हुसैन और उनके साथियों की सत्य,न्याय और इंसानियत के लिए दी गई महान कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इस अवसर पर लोगों ने इमाम हुसैन के बलिदान को याद करते हुए अमन,भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।
*भावी मुखिया प्रत्याशी ने दी शुभकामनाएं*
ताजिया जुलूस के दौरान सेमरी पंचायत के भावी मुखिया प्रत्याशी सैयद इकबाल खान भी मौजूद रहे। उन्होंने लोगों से मुलाकात कर मोहर्रम की शुभकामनाएं दीं तथा आपसी सौहार्द और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील की।
*खिलाड़ियों ने दिखाए शानदार करतब*
सेमरी पंचायत के अखाड़ा खिलाड़ियों ने पारंपरिक खेल और हैरतअंगेज प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। जुलूस के दौरान पूरे मार्ग पर उत्साह और अनुशासन का माहौल देखने को मिला।
*पुलिस प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क*
मोहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। करगहर थाना के एसआई सतीश कुमार सहित पुलिस बल पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाले रहें और हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखी। प्रशासन की सतर्कता के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
*अतिथियों का हुआ सम्मान*

कार्यक्रम के दौरान वर्तमान मुखिया की ओर से आए हुए अतिथियों को अंगवस्त्र एवं पुष्पहार देकर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों ने भी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया,जिससे पूरे आयोजन में सौहार्द और भाईचारे का वातावरण बना रहा। मोहर्रम का यह आयोजन सेमरी पंचायत में सामाजिक एकता,धार्मिक सौहार्द और आपसी सम्मान की मिसाल बनकर उभरा,जहां सभी समुदायों के लोगों ने मिलकर पर्व को शांतिपूर्ण एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराया।


