बीओपीटी (ईआर), कोलकाता एवं एलएनएमयू सहित चार अंगीभूत कॉलेजों के मध्य एईडीपी हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम

बीओपीटी (ईआर), कोलकाता एवं एलएनएमयू सहित चार अंगीभूत कॉलेजों के मध्य एईडीपी हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम

जे टी न्यूज, दरभंगा:
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के चार अंगीभूत महाविद्यालयों- सी.एम. कॉलेज, दरभंगा, आर.बी. कॉलेज, दलसिंहसराय, यू.पी. कॉलेज, पूसा एवं बी.आर.बी. कॉलेज, समस्तीपुर तथा व्यावहारिक प्रशिक्षण बोर्ड (पूर्वी क्षेत्र), कोलकाता के मध्य एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) के संचालन हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने की। इस अवसर पर बिहार शिक्षा विभाग के पूर्व सचिव एवं वर्तमान में सीआरआईएसपी, बिहार के अध्यक्ष बैद्यनाथ यादव तथा बीओपीटी(ईआर) के निदेशक डॉ एस.एम. एजाज अहमद की गरिमामय उपस्थिति रही।
इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत उक्त चार कॉलेजों में एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) संचालित किया जाएगा, जिसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को पारंपरिक डिग्री शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) प्राप्त होगा, जिससे उनकी रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान सी.एम. कॉलेज, दरभंगा के प्रधानाचार्य प्रो मुश्ताक अहमद, यू.पी. कॉलेज, पूसा के प्रधानाचार्य प्रो संजय झा, बी.आर.बी. कॉलेज, समस्तीपुर के प्राचार्य डॉ जगदीश प्रसाद बैशन्त्री एवं आर.बी. कॉलेज, दलसिंहसराय के प्रभारी प्राचार्य ने अपने-अपने महाविद्यालयों की ओर से एमओयू पर हस्ताक्षर किए तथा अपने महाविद्यालयों में एईडीपी पाठ्यक्रम के सुचारु संचालन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।


इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) की शुरुआत विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में उद्योग-अकादमिक सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं महत्त्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल एवं आत्मनिर्भर बनाना है। एईडीपी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योगों में कार्य करते हुए आय अर्जित करने का सुनहरा अवसर प्राप्त होगा, जिससे उनकी व्यावहारिक कुशलता, आत्मविश्वास एवं रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रो चौधरी ने आगे कहा कि यह समझौता ज्ञापन विश्वविद्यालय के अंगीभूत महाविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम प्रदान करेगा, जिसमें कौशल आधारित शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में भी महाविद्यालयों की सार्थक भूमिका सुनिश्चित होगी। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु बीओपीटी (ईआर), कोलकाता एवं सभी संबंधित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों को धन्यवाद एवं शुभकामनाएँ दी।
इस अवसर पर सीआरआईएसपी, बिहार के प्रमुख बैद्यनाथ यादव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझौता ज्ञापन बिहार में उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सीआरआईएसपी सदैव कौशल विकास एवं उद्योग- अकादमिक साझेदारी को प्रोत्साहित करने हेतु प्रयासरत रहा है तथा एलएनएमयू द्वारा उठाया गया यह कदम राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को अध्ययन के दौरान ही उद्योगों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होने से न केवल उनकी नियोजनीयता बढ़ेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य एवं देश के विकास में सक्रिय भागीदार भी बन सकेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं महाविद्यालयों के प्राचार्यों की इस सकारात्मक पहल की सराहना की और आगे भी हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बीओपीटी (ईआर), कोलकाता के निदेशक डॉ एस.एम. एजाज अहमद ने अपने संबोधन में कहा कि एप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों में कार्य अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे शिक्षा पूर्ण होने के तुरंत बाद रोजगार के लिए पूर्णतः तैयार हों। उन्होंने बताया कि बीओपीटी (ईआर) इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन हेतु महाविद्यालयों को उद्योगों से जोड़ने, प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के स्टाइपेंड एवं प्लेसमेंट संबंधी सभी आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। डॉ अहमद ने कहा कि यह साझेदारी एलएनएमयू के चारों अंगीभूत महाविद्यालयों के छात्रों के लिए एक स्वर्णिम अवसर सिद्ध होगी और आने वाले समय में और भी अधिक कॉलेजों को इस कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस एमओयू के अंतर्गत उक्त महाविद्यालयों में निम्नलिखित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे-
क्र.सं./पाठ्यक्रम एवं विषय (Course & Major), महाविद्यालय
1 बी.कॉम. (मेजर – बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस)- सी.एम. कॉलेज, दरभंगा
2 बी.ए. (मेजर- कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग) – सी.एम. कॉलेज, दरभंगा
3 बी.एससी. (मेजर- डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स)- आर.बी. कॉलेज, दलसिंहसराय
4 बी.कॉम. (मेजर- ई-कॉमर्स) – बी.आर.बी. कॉलेज, समस्तीपुर
5. बी.ए. (मेजर- कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग)- यूपी कॉलेज, पूसा
एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ दिव्या रानी हांसदा, आईक्यूएसी निदेशक डॉ मो जेया हैदर, मेरु के नोडल पदाधिकारी अमृत कुमार झा, विश्वविद्यालय के एमओयू समन्वयक डॉ मनु राज शर्मा, विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट समन्वयक डॉ अतनु बैनर्जी, कुलपति के निजी सचिव डॉ सैयद मोहम्मद जमाल अशरफ़, मेरु सचिवालय के सुमित कुमार झा, सुनील कुमार तथा आईटी सेल के सॉफ्टवेर इंजिनियर गणेश कुमार पासवान आदि उपस्थित रहे ।

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