रोहतास के नए डीएम से पहली मुलाकात में गरजा मानवाधिकार एसोसिएशन
शेरशाह सूरी रौजा की ऐतिहासिक नहर बचाने को सौंपा बड़ा ज्ञापन
रोहतास के नए डीएम से पहली मुलाकात में गरजा मानवाधिकार एसोसिएशन
शेरशाह सूरी रौजा की ऐतिहासिक नहर बचाने को सौंपा बड़ा ज्ञापन
पहली शिष्टाचार भेंट में मिला गर्मजोशी से स्वागत बुके और स्मृति-चिह्न देकर किया अभिनंदन

जे टी न्यूज,
सासाराम(रोहतास): भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन,नई दिल्ली की जिला इकाई, रोहतास के शिष्टमंडल ने जिलाध्यक्ष इंजीनियर नवीन सिन्हा के नेतृत्व में नवपदस्थापित जिलाधिकारी,रोहतास से पहली बार शिष्टाचार मुलाकात की। इस अवसर पर संस्था की ओर से अभिनंदन पत्र,पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया गया।
*मानवाधिकार से लेकर जनहित तक, डीएम के सामने रखी संगठन की कार्यशैली*
बैठक के दौरान संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं बुद्धिजीवी सदस्यों ने अपना परिचय देते हुए मानवाधिकार संरक्षण,सामाजिक जागरूकता तथा जनहित से जुड़े विभिन्न अभियानों की विस्तृत जानकारी जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी ने सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना और जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
*शेरशाह सूरी रौजा की ऐतिहासिक इनलेट नहर को बचाने की उठी बुलंद आवाज*
शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए विश्व धरोहर शेरशाह सूरी रौजा की ऐतिहासिक इनलेट नहर के पुनर्जीवन,अतिक्रमण हटाने,सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए समग्र कार्ययोजना बनाकर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।
*करोड़ों की योजना बनी, लेकिन नहर आज भी बंद… अतिक्रमण से इतिहास पर संकट*
ज्ञापन में बताया गया कि फजलगंज मोड़ से बैंक कॉलोनी होते हुए रौजा तक आने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक इनलेट नहर पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी है। नहर और उसकी सरकारी भूमि पर लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है, जिससे यह ऐतिहासिक जल प्रणाली समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई है।
संस्था ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017–18 में इस नहर के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के लिए लगभग ₹7.46 करोड़ की योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन वह अपने उद्देश्य के अनुरूप धरातल पर नहीं उतर सकी।
*डीएम से रखी गईं ये प्रमुख मांगें*
ऐतिहासिक इनलेट नहर का राजस्व अभिलेखों के आधार पर सीमांकन कराया जाए। नहर एवं सरकारी भूमि को तत्काल अतिक्रमणमुक्त कराया जाए। वैज्ञानिक तरीके से नहर का पुनर्जीवन कर जल प्रवाह बहाल किया जाए। दोनों किनारों पर दो लेन सड़क,वॉकिंग ट्रैक,हरित पट्टी और आधुनिक लाइटिंग विकसित की जाए।

इस मार्ग को शेरशाह सूरी रौजा तक वैकल्पिक पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाए। वर्ष 2017–18 की योजना एवं जांच रिपोर्ट की समीक्षा कर नई कार्ययोजना लागू की जाए। पर्यटन, रोजगार और पर्यावरण—तीनों को मिलेगा नया जीवन। संस्था का कहना है कि इस परियोजना के लागू होने से शेरशाह सूरी रौजा का ऐतिहासिक स्वरूप सुरक्षित रहेगा, जलाशय में स्वच्छ जल प्रवाह बहाल होगा, प्रदूषण और दुर्गंध से मुक्ति मिलेगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी कम होगा।
*संयुक्त बैठक और स्थल निरीक्षण की मांग* भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाकर स्थल निरीक्षण कराने तथा इस ऐतिहासिक परियोजना को विशेष प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने का अनुरोध किया है। संस्था ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन की सकारात्मक पहल से यह परियोजना सासाराम के विकास और ऐतिहासिक धरोहर संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।
मौके पर जिलाध्यक्ष इंजीनियर नवीन सिन्हा के साथ मीडिया प्रभारी अधिवक्ता संजय तिवारी, विधि सचिव ज्योति कुमार,पत्रकार निरंजन तिवारी,डॉ.उमेश कुमार,महिला संरक्षण प्रमुख प्रज्ञा सिन्हा,आरती कुमारी तथा अधिवक्ता अरुण पांडेय उपस्थित रहें।



