संत पॉल टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज वीरसिंहपुर (स्वायत्ता प्राप्त) को बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. पाठ्यक्रमों की स्वीकृति, इसी सत्र से शुरू होगा नामांकन

संत पॉल टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज वीरसिंहपुर (स्वायत्ता प्राप्त) को बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. पाठ्यक्रमों की स्वीकृति, इसी सत्र से शुरू होगा नामांकन


जे टी न्यूज़ , वीरसिंहपुर, समस्तीपुर : उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए संत पॉल टीचर्स’ ट्रेनिंग कॉलेज वीरसिंहपुर, (स्वायत्ता प्राप्त) समस्तीपुर को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा द्वारा बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बी.बी.ए.) एवं बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बी.सी.ए.) पाठ्यक्रमों के संचालन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इन दोनों पाठ्यक्रमों में नामांकन शैक्षणिक सत्र 2026–27 से प्रारंभ किया जाएगा। इससे समस्तीपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा अपने ही क्षेत्र में प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सचिव श्री अविनाश कुमार जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति विद्यार्थियों के लिए एक नई आशा और सुनहरा अवसर लेकर आई है। अब विद्यार्थियों को बी.बी.ए. एवं बी.सी.ए. जैसे रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि उन्हें अपने क्षेत्र में ही आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी शिक्षकों एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का लाभ मिलेगा।
सचिव श्री कुमार जी ने कहा, “हमारा उद्देश्य प्रतिभाओं विद्यार्थियों को उत्कृष्ट उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है। शिक्षा ही आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। बी.बी.ए. और बी.सी.ए. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम युवाओं को प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं रोजगार के नए अवसरों से जोड़ेंगे। हमें विश्वास है कि इस पहल से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल होगा।”


उन्होंने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होते ही इच्छुक विद्यार्थी समय पर आवेदन कर इस अवसर का लाभ उठाएँ।
महाविद्यालय परिवार ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति संस्थान के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार होगा, बल्कि समस्तीपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों का लाभ भी मिलेगा। यह कदम क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

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