दहेज नहीं, बेटी का सम्मान करें बिना दहेज की रिंग सेरेमनी बनी समाज के लिए मिसाल

दहेज नहीं, बेटी का सम्मान करें बिना दहेज की रिंग सेरेमनी बनी समाज के लिए मिसाल

जे टी न्यूज, सासाराम(रोहतास)दहेज जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ एक प्रेरणादायक संदेश देते हुए लोजपा (रा.) के जिला प्रवक्ता उमेश प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने पुत्र मनजीत के विवाह को बिना दहेज संपन्न कराने का संकल्प लिया। शहर के लालगंज स्थित श्रेया प्लेस में आयोजित भव्य रिंग सेरेमनी में वर-वधू मनजीत एवं अमीषा ने एक-दूसरे को अंगूठी पहनाकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। उपस्थित अतिथियों ने दोनों को शुभकामनाएं एवं उज्ज्वल वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर उमेश प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि “दहेज के लिए लड़की वालों को कभी परेशान नहीं करना चाहिए। बेटी कोई बोझ नहीं, बल्कि परिवार की शान होती है। उसे बहू नहीं, बेटी का सम्मान मिलना चाहिए।” उन्होंने समाज से दहेज प्रथा का बहिष्कार करने और बिना दहेज विवाह को बढ़ावा देने की अपील की। वहीं वधू पक्ष के पिता सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें ऐसा परिवार मिलने पर गर्व है जिसने दहेज नहीं, बल्कि रिश्तों और संस्कारों को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि यदि हर परिवार ऐसी सोच अपनाए तो समाज से दहेज जैसी कुप्रथा स्वतः समाप्त हो जाएगी। कार्यक्रम में अतिथियों के लिए विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों की व्यवस्था की गई थी, जिसका सभी ने आनंद लिया। इस अवसर पर ताराचंडी धाम के महंत रंजितानंद महाराज,डीआरएम इलाहाबाद दीपक सिन्हा,पूर्व आकाशवाणी संवाददाता एवं पूर्व मुखिया देववंश तिवारी,पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती प्रमिला सिंह, समाजसेवी विनोद पांडेय कोनार,पैक्स अध्यक्ष भास्कर पांडेय,दैनिक भास्कर ब्यूरो चीफ नरेंद्र राय,बिहार-झारखंड ब्यूरो चीफ अजीत सहारा,ब्यूरो चीफ राजू दुबे,बिहार दर्शन ब्यूरो चीफ असलम परवेज,लोजपा (रा.)जिला अध्यक्ष प्रेमतोष कुमार उर्फ बंटी सिंह,जदयू नेता बद्री सिंह,आकाशवाणी संवाददाता चंदन कुमार,ब्यूरो चीफ संजय तिवारी,खेल पदाधिकारी विनय कृष्णा सिंह,संदीप भेलारी,पूर्व मुखिया वर्मा चौधरी,मुखिया प्रतिनिधि डब्लू गुप्ता, बीडीसी पप्पू राउत,जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि मदन राम,ज्वाला साह, हरेंद्र दुबे, कमलेश दुबे,नितिन तिवारी,चितरंजन सिंह, जितेंद्र सिंह,शेखर सिंह,उमाशंकर लाल, सुमन लाल,अंजुम जी,सरपंच राजेंद्र खरवार सहित सैकड़ों गणमान्य लोगों ने नवदंपति को शुभकामनाएं दीं।
*दहेज प्रथा पर संदेश*


दहेज प्रथा आज भी समाज की सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयों में से एक है। यह न केवल बेटियों के परिवार पर आर्थिक बोझ डालती है, बल्कि कई परिवारों के लिए मानसिक और सामाजिक पीड़ा का कारण भी बनती है। बिना दहेज विवाह करने वाले परिवार समाज के लिए प्रेरणा हैं। यदि हर परिवार बेटी को सम्मान और रिश्तों को दहेज से ऊपर रखे, तो दहेज प्रथा जैसी कुरीति का अंत संभव है।

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