झंझारपुर कृषि विज्ञान केंद्र में जैविक खेती सुखेत मॉडल विषय पर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
झंझारपुर कृषि विज्ञान केंद्र में जैविक खेती सुखेत मॉडल विषय पर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
प्रो अरुण कुमार/जेटी न्यूज

मधुबनी। जिले के झंझारपुर कृषि विज्ञान केंद्र सुखेत में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण आत्मा दरभंगा द्वारा प्रायोजित
जैविक खेती सुखेत मॉडल विषय पर पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कृषि केंद्र डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अंतर्गत संचालित है। उदघाटन के मौके पर संस्थान के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉक्टर सुधीर दास ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के संबंध में विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत किया साथ ही जैविक खेती की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झंझारपुर एसएओ डॉ अमरजीत कुमार ने जैविक खेती से होने वाले लाभ के संबंध में बताया। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि पाँच दिवसीय कार्यक्रम में जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं पर किसान बंधुओं को सिद्धांत एवं प्रायोगिक रूप से केंद्र के सभी वैज्ञानिकों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसी कड़ी में प्रशिक्षण के पहले दिन उद्यान वैज्ञानिक प्रदीप कुमार विश्वकर्मा ने जैविक पद्धति से बागवानी प्रबंधन एवं सामाजिक वानिकी विषय पर तथा जंतु विज्ञान मत्स्य वैज्ञानिक डॉ मुकेश कुमार ने जैविक अवशिष्ट के प्रबंधन विषय पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक पादप संरक्षण डॉ राहुल सिंह राजपूत एवं धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक फसल उत्पादन सौरभ चौधरी ने किय। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के सभी वैज्ञानिक तकनीकी एवं गैर तकनीकी कर्मचारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने वालों में स्थानीय किसानों के अलावा दरभंगा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये किसान बंधु उपस्थित थे।


