जोगसर के नवपदस्थापित थानाध्यक्ष के स्वागत समारोह पर उठे सवाल,विवादित रेस्टोरेंट 2.0 के संचालक की मौजूदगी से गरमाई चर्चा ।
जोगसर के नवपदस्थापित थानाध्यक्ष के स्वागत समारोह पर उठे सवाल,विवादित रेस्टोरेंट 2.0 के संचालक की मौजूदगी से गरमाई चर्चा ।

सूत्रों की माने तो पत्रकार मामले में ‘रेस्टोरेंट 2.0 के संचालक’ को कहीं ना कहीं भागलपुर भाजपा के एक बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त है,जिस कारण अबतक पुख्ता सबूत होने के बावजूद कोई कारवाई नहीं हुई ,आखिर क्यों?
जेटीन्यूज
भागलपुर: जिले के जोगसर थाना में नवपदस्थापित थानाध्यक्ष विनोद कुमार के स्वागत समारोह की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों के सामने आने के बाद पूरे शहर में नई बहस छिड़ गई है। आरोप है कि मानिक सरकार चौक स्थित चर्चित “रेस्टोरेंट 2.0” के संचालक अभिषेक कुमार भी इस स्वागत कार्यक्रम में मौजूद थे, जिसको लेकर कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और कुछ समाजसेवियों का कहना है कि जिस व्यक्ति का नाम पहले से विवादों और गंभीर आरोपों से जुड़ता रहा हो, उसका पुलिस अधिकारियों के स्वागत समारोह में दिखाई देना आम लोगों के बीच गलत संदेश देता है। तस्वीरों में अभिषेक कुमार को थानाध्यक्ष को फूल-माला और बुके देकर सम्मानित करते देखा जा रहा है।
इस मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है कि आखिर किन परिस्थितियों में विवादों में घिरे लोगों को पुलिस अधिकारियों के नजदीक मंच या सार्वजनिक कार्यक्रमों में जगह मिल रही है। अभिषेक कुमार पर पूर्व में मुकदमा दर्ज है। इसके बाद अभी हाल के दिनों में रेस्टोरेंट की आड़ में अवैध गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में यह भी कहा जा रहा है कि पूर्व जोगसर थानाध्यक्ष मंटू कुमार के कार्यकाल में भी कथित तौर पर इस रेस्टोरेंट संचालक की पुलिस से नजदीकियां चर्चा का विषय बनी रही थीं। अब नए थानाध्यक्ष के स्वागत समारोह में उसकी मौजूदगी ने फिर कई पुराने सवालों को जिंदा कर दिया है।शहर के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी अधिकारी की छवि जनता के बीच बेहद महत्वपूर्ण होती है और विवादित लोगों के साथ सार्वजनिक तस्वीरें पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती हैं। हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर अब तक पुलिस प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन तस्वीरों के वायरल होने के बाद शहर में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
गौरतलब हो कि स्थानीय मानिक सरकार चौंक पर रेस्टोरेंट 2.0 की आड़ में देह व्यापार का धंधा करने वाला रेस्टोरेंट संचालक अभिषेक कुमार इस अभिनंदन समारोह के बहाने जोगसर थाना के पूर्व थानाध्यक्ष मंटू कुमार की भांति नवपदस्थापित जोगसर थानाध्यक्ष बिनोद कुमार से अपनी सांठ-गांठ बरकरार रखने के लिये कुछ समाजसेवियों के साथ उनके स्वागत समारोह में दिख रहा है, यह पुलिस प्रोटोकॉल के तहत अनुचित है और इस फोटो को देखने के बाद लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है। भागलपुर के कई प्रबुद्धजनों व कर्मठ समाज सेवियों ने जोगसर थाना में नवपदस्थापित थानाध्यक्ष बिनोद कुमार से निवेदन किया है कि ऐसे लोगों बचें और भागलपुर शहर को बचाएं। विदित होकि उक्त होटल संचालक वही शख्स है, जिसने पुलिस से सांठ- गांठ कर अपने अवैध धंधा का भंडाफोड़ करने वाले भागलपुर के पांच पत्रकारों को फर्जी साबित करने की पुरजोर कोशिश की थी, लेकिन न्यायालय ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। यह रेस्टोरेंट संचालक अभिषेक कुमार सीधे तौर पर भागलपुर भाजपा के एक बड़े नेता का संरक्षण प्राप्त होने के कारण अपने अवैध धंधे का पत्रकारों द्वारा पुख्ता सबूत पेश करने के बाद भी खुद पर कार्रवाई की आंच तक नहीं आने दी और अपने धंधे को परवान चढ़ाए हुआ है। लेकिन इस पर कार्रवाई हेतु उच्च प्रशासन सहित सम्राट सरकार से गुहार लगाई गई है।

फिलहाल जोगसर थाने के पूर्व भ्रष्ट थानाध्यक्ष मंटू कुमार को एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने निलंबित कर दिया है, लेकिन जब तक उक्त रेस्टोरेंट 2.0 के संचालक अभिषेक कुमार के उपर सख्ती से कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उन 2.0 अवैध रेस्टोरेंट का खुलासा नहीं हो सकता, जहाँ रेस्टोरेंट की आड़ में अवैध रूप से छोटी- मासूम और यूवतियों के देह का व्यापार होता है और इस बात को उक्त रेस्टोरेंट संचालक अभिषेक कुमार ने जोगसर थाना के निलंबित भ्रष्ट थानाध्यक्ष मंटू कुमार के समक्ष कबूल किया है।

