महिला थाना कांड संख्या 48/23 के अभियुक्त के गिरफ्तारी की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने दिया धरना, डीआईजी को सौपा मांग-पत्र
महिला थाना कांड संख्या 48/23 के अभियुक्त के गिरफ्तारी की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों ने दिया धरना, डीआईजी को सौपा मांग-पत्र

महिला थानाध्यक्ष के द्वारा अभियुक्त को संरक्षण देने, गिरफ्तार नही करने का लगाया आरोप
जे टी न्युज,सहरसा:- शुक्रवार को स्टेडियम के बाहरी परिसर में विभिन्न संगठनों एआईएसएफ, एआईवाईएफ, ऐपवा के कार्यकर्ताओं ने महिला थाना कांड संख्या 48/23 के अभियुक्त की गिरफ्तारी, निवर्तमान डीआईजी के द्वारा अभियुक्त के गिरफ्तारी की आदेश के महिला थानाध्यक्ष के द्वारा की गयी अवहेलना, महिला थानाध्यक्ष के द्वारा अभियुक्त को संरक्षण देने,

अभियुक्त के द्वारा पीड़िता को केस उठाने के लिए घर में बंद कर मारपीट करने, धमकी देने को लेकर धरना दिया। धरना के बाद एक शिष्टमंडल के द्वारा डीआईजी को मांग-पत्र सौपा गया। धरना की अध्यक्षता ऐपवा नेत्री वीणा देवी व संचालन एआईएसएफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य शंकर कुमार ने किया। धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के राज्य कार्यकारिणी सदस्य शंकर कुमार ने कहा कि महिला थानाध्यक्ष का अभियुक्त को संरक्षण प्राप्त है।

इसलिए केस दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी महिला थानाध्यक्ष अभियुक्त को नही पकड़ रहे है वो खुलेआम घूम रहा हैं। और पीड़िता को जान से मारने की धमकी दे रहा हैं। निवर्तमान डीआईजी के आदेश के बाद भी महिला थाना कांड संख्या 48/23 के अभियुक्त मो. आलम उर्फ जुबेर को महिला थानाध्यक्ष के द्वारा गिरफ्तार नहीं करना समझ से पड़े है। इससे साफ स्पष्ट होता है कि महिला थानाध्यक्ष के द्वारा अभियुक्त को संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि पीड़िता ने पुलिस उप महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर महिला थानाध्यक्ष के द्वारा अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं करने का आरोप लगाया था।

लेकिन उसके बाद भी महिला थानाध्यक्ष अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर रहे हैं। पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं। उन्होंने कहा कि महिला थाना में रिश्वत लेने का जो वीडियो वायरल हुआ उसमे महिला पुलिसकर्मी पर ही गाज गिरी जबकि रिश्वत तो महिला थानाध्यक्ष के कहने पर ही लिया जाता है। रिश्वत लेने वाली महिला पुलिसकर्मी तो एक मोहरा है कार्यवाही तो महिला थानाध्यक्ष पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभियुक्त की गिरफ्तारी होने और पीड़िता को न्याय दिलाने तक आन्दोलन जारी रहेगा। अगर जल्द से जल्द अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं होती हैं तो आन्दोलन के अगले चरण में डीआईजी कार्यालय का घेराव और आमरण अनशन किया जाएगा जिसकी सारी जबाबदेही महिला थानाध्यक्ष की होगी। वही ऐपवा नेत्री वीणा देवी ने कहा कि महिला थानाध्यक्ष व केस के अनुसंधानकर्त्ता कहती हैं अभियुक्त मो. आलम उर्फ जुबेर को पकड़ने गए थे घर पर नहीं है

बाहर भाग गया है। जबकि अभियुक्त घर पर आराम से चैन की नींद सो रहा हैं। इससे स्पष्ट होता हैं पुलिस किसी अनहोनी का इंतजार कर रही है। महिला थानाध्यक्ष के द्वारा अभी तक अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं करना निश्चित भी पुलिस के कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। मौके पर ऐपवा के सती देवी, सबो देवी, प्रमिला देवी, रवीना खातून, पूनम देवी, भुलकुन देवी, छोटकी देवी, गुलाब देवी, रंभा देवी, मंसुरिया देवी, ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के सुरेंद्र कुमार, पंकज कुमार, घनश्याम कुमार, महादेव कुमार, ललन कुमार, सदानंद महतो, एआईएसएफ के जिला अध्यक्ष रवि कुमार, दीपक कुमार, मो. शहाबउद्दीन, भाकपा माले के सागर कुमार, युवा राजद के रुपेश यादव सहित कई मौजूद थे।


