शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के द्वारा महाविद्यालय में तालाबंदी किया गया
शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के द्वारा महाविद्यालय में तालाबंदी किया गया

जे टी न्यूज़, दरभंगा : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मिथिला महिला महाविद्यालय आजमनगर दरभंगा में शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के द्वारा महाविद्यालय में तालाबंदी किया गया । उपस्थित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय के हठधर्मिता और कार्य के प्रति उदासीनता के खिलाफ अपना – अपना आक्रोश व्यक्त किया। महाविद्यालय के वरीय शिक्षक बिनोद साह जी अपने उद्बोधन में स्पष्ट कहा की जबतक हमलोगों के मांगों के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीर नहीं होगा और प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय पर गठित जांच समिति का रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगा, हमारे 11 महीने का मासिक भुगतान और सत्र 2013-16 का लंबित राज्यानुदान पर लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक महाविद्यालय में तालाबंदी जारी रहेगा। वहीं महाविद्यालय के एक मात्र दलित शिक्षक डाo सुरेश राम ने कहा हमारी 11महीने का मासिक भुगतान प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय के द्वारा नहीं करने से हमारे बाल बच्चे भुखमरी के कगार पर है। सरकार के द्वारा निर्धारित अकुशल श्रमिक को एक दिन का भुगतान जो तय है उससे भी कम हमलोगों को मासिक भुगतान किया जाता रहा है। शिक्षकों का वेतन मासिक 608 रुपया, तृतीय वर्गीय कर्मचारी को 444 रुपया और वहीं चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी को 304 रुपया भुगतान किया जाता रहा। हमलोगों की स्थिति बंधूआ मजदूर से भी बद्तर है। जबतक प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय को बर्खास्त नहीं किया जाता है और उनके उपर विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच कमिटी का रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगा तब तक तालाबंदी जारी रहेगा। वहीं महाविद्यालय के शिक्षक प्रतिनिधि और सदस्य शासी निकाय अखिल रंजन झा ने कहा अब हमलोग भुखमरी से लड़ते-लड़ते आज स्थिति तालाबंदी की नौबत आ गई। प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय हमेशा से महाविद्यालय में अराजकता की स्थिति बनाए रखते हैं। उनकी अराजकता विश्वविद्यालय के माननीय लोग हमलोगों के उपस्थिति पंजी से लगा सकते हैं। सदस्य शासी निकाय ने यहां तक कहा की उनके ऊपर गठित जांच कमिटी अगर बारिकी से जांच करेगी तो उनकी मनमानी स्पष्ट नजर आयेगा। अंत में सभी उपस्थित शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने महाविद्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी के पक्ष में नारेबाजी करते हुए कहा जबतक प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय पर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीरता पूर्वक उनके काले कारनामों पर कारवाई नहीं करेगी तब तक तालाबंदी जारी रहेगा। कर्मचारीयों को यह भी भय है कि महाविद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य महोदय स्थानीय होने के नाते कहीं हमलोगों के साथ अप्रिय घटना का भी अंजाम देने के प्रति संभावना व्यक्त किया।
