सालों भर बहने वाली रघवा नदी में गाद भर जाने के कारण पानी के पड़ रहे लाले

सालों भर बहने वाली रघवा नदी में गाद भर जाने के कारण पानी के पड़ रहे लाले

 


जे टी न्यूज़, केसरिया/पू०च० : केसरिया के मेरुदंड कहे जाने वाली रघुवा नदी के तलहटी में गाद भर जाने के कारण नदी समतल हो गई हैं।जलकुंभी एवं जंगल झाड़ी से नदी को पहचानना मुश्किल हो गया है। सिंचाई के लिए पानी की किल्लत हो गई है केसरिया के सरोतर चवर से निकलने वाली रघवा नदी साहेबगंज के मुण्डमाला घाट से वाया नदी के नाम से जानी जाती है।यह नदी आज एक एक बुंद पानी के लिए तरस रही है जब की वर्षों पुर्व ईस नदी में सालों भर पानी भरा रहता था।जब वर्षांत के दिनों में अधिक पानी होने पर देवसर नाला के माध्यम से बीस भवारी तिरहुत तटबंध के द्बारा गंडक नदी में पानी छोड़ा जाता था।

जिससे क्षेत्र में बाढ से निजात मिलता था।सरोतर चवर ,सुंदरा पुर एवं लालगौडा मन का पानी भी रघुवा नदी में गिरता था।अब खेती पटवन के बात कौन करे लोग नदी में खेती करने लगे हैं।लोग निजी कामों के लिए नदी में कई जगह बांध बना दिया है।इसी रघुवा/वाया नदी के सफाई के लिए निवर्तमान विधायक पिताम्बर सिंह ने सतर के दसक में वाया परियोजना लाकर प्रत्येक चंवर का पानी निकासी के लिए नाली बनवाकर रघुवा नदी में मिलाया,रघुवा नदी का पानी निकासी के लिए बथना पदुमनछपरा से मनोहर छपरा सुंदरापुर होते एक बड़ी नदी बनवाकर गंडक में मिलाया मगर कुछ कारण बस महज पांच सौ मिटर पदुमन छपरा में खुदाई रुक गई, केसरिया बथना मार्ग में एक बड़ी निर्माणाधीन पुल कि पाया दिख रही है मगर ना पुल बना ना नदी कि खुदाई पुर्ण हुई।

अरबों रुपया खर्च कर हजारों एकड़ जमीन का मुआवजा चुकाकर सरकार अधिग्रहण किया मगर जमीन लावारिस हालत में पड़ी है योजना बंद है मगर इतनी बड़ी समस्या पर किसी का ध्यान नहीं है आखिर कसुरवार कौन है ।नेता कि जानता।

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