27 जून 2025 को पचमनिया गांव में मजदूर किसान सम्मेलन किया गया

27 जून 2025 को पचमनिया गांव में मजदूर किसान सम्मेलन किया गया

जे टी न्यूज, मधुबनी: 27 जून 2025 को पचमनिया गांव में मजदूर किसान सम्मेलन किया गया। सम्मेलन किया अध्यक्षता मंजु हांसदा ने किया, वहीं मंच संचालन पचमनिया आंदोलन के मुख्य नेता समाजसेवी देवनाथ “देवन” ने किया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि कारू भाई बोधगया भूमि आंदोलन के नेता जी थे।
जून 1975 में मधुबनी जिला, मधेपुर प्रखंड के अन्तर्गत तरडीहा पंचायत के पचमनिया गांव में सेलिंग की जमीन पर बसा मजदूर किसान आंदोलन शुरू हुआ। मजदूर व गरीब आंदोलनकारी जमीन की बासगीत पर्चा देने की मांग कर रही थी। भूमि आंदोलनकारियों को सामंती किसान और प्रशासन ने मिलकर 27 जून 1975 को मजदूरों की बस्ती को आग के हवाले कर दी। पुलिस मजदूरों पर गोलियां चला दीं, जिससे चार मजदूर गोली लगने से शहीद हो गया। इसी दौरान जून 25-26 रात्रि में देश में आपातकाल लागू हो गई थी। आज 27 जून 2025 को इस आंदोलन की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर पचमनिया गांव के प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में मजदूर किसान सम्मेलन किया गया।
इस सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि—-


1) आंदोलन के अधूरे कार्य को पूरा करने केलिए नौजवानों को एकजुट कर प्रशिक्षित किया जाय।
2) शहीदों का इस गांव में किसी जगह पर शहीद स्मारक बनाने की सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।
3) जिन लोगों को पर्चा मिला हुआ है उसे दाखिल खारिज कराने की दिशा में उच्च स्तरीय प्रयास किया जाय, ताकि बिहार सरकार के जमीन सर्वे में पर्चा धारी के नाम से खाता खुलने में किसी प्रकार का दिक्कत न हो।
4) जिन लोगों को अभी तक बासगीत पर्चा नहीं मिल पाया है उसे पर्चा दिलाने केलिए प्रयास करेंगे।
पचमनिया भूमि आंदोलन के 50वीं वर्ष पुरा होने पर इस मजदूर किसान सम्मेलन में आगे की आंदोलन में विचार एवं सहयोग देने वालों में रुपेश जी पटना, सुकन पासवान, राम आशीष रमण, विजय चौधरी, कुमार चंद्र मार्डे, राम सुदिष्ट यादव, वकील यादव, उमेश कुमार राय, विद्यानंद शास्त्री, शिव नारायण यादव, लक्ष्मण मंडल, अनिल कुमार यादव, सुरेश हॅसदा, हरिश्चंद्र टुडू, संजय मुर्मू, सदानंद सोरेन, महावीर पासवान, शशिकांत मंडल आदि ने भी विचार रखे।

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