सीमांचल के आवाज़ बने सांसद प्रदीप कुमार सिंह, संसद में उठाई उद्योग विकास की बात
संसदीय उद्योग स्थायी समिति की बैठक में अररिया का प्रभावी प्रतिनिधित्व
सीमांचल के आवाज़ बने सांसद प्रदीप कुमार सिंह, संसद में उठाई उद्योग विकास की बात /संसदीय उद्योग स्थायी समिति की बैठक में अररिया का प्रभावी प्रतिनिधित्व
जे टी न्यूज, नई दिल्ली :सीमांचल के एकलौते भाजपा सांसद और अररिया के लोकप्रिय जनप्रतिनिधि प्रदीप कुमार सिंह ने संसद भवन में आयोजित उद्योग विभाग की स्थायी समिति की बैठक में सक्रिय भागीदारी निभाई। देश के औद्योगिक विकास, स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार दिलाने के मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने इस अवसर पर सीमांचल जैसे पिछड़े और उपेक्षित क्षेत्रों में औद्योगिक निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि –
अगर देश को आत्मनिर्भर बनाना है, तो सीमांचल जैसे क्षेत्रों को विशेष औद्योगिक सहायता और योजना की जरूरत है। यहां संसाधन हैं, युवा हैं – बस अवसर चाहिए।”
🔹 बैठक में क्या हुआ खास?
देशभर के सांसदों ने क्षेत्रीय उद्योगों की समस्याओं और संभावनाओं को लेकर विचार रखे।
सीमांचल को विशेष औद्योगिक पैकेज देने की मांग को भी बल मिला।
आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत स्थानीय रोजगार सृजन पर जोर।
प्रदीप कुमार सिंह ने अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्णिया जैसे जिलों में एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री, हस्तशिल्प, और स्मॉल स्केल यूनिट्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
सीमांचल के लिए क्यों है यह अहम?*
सीमांचल क्षेत्र दशकों से औद्योगिक विकास से वंचित रहा है। यहां के लाखों युवा पलायन को मजबूर हैं। प्रदीप कुमार सिंह ने समिति के समक्ष यही मुद्दा प्रमुखता से रखा कि जब तक सीमांचल को उद्योग नीति में प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक यहां का विकास केवल नारों में सिमटा रहेगा।”
स्थानीय जनता में उत्साह
सांसद की इस भागीदारी पर अररिया सहित पूरे सीमांचल में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी गई। लोग सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे हैं कि “हमारा सांसद दिल्ली में हमारी आवाज़ बना है, सिर्फ कुर्सी पर बैठने नहीं गया।”
एमपी प्रदीप कुमार सिंह की पहल यह दिखाती है कि अब सीमांचल की आवाज़ संसद के भीतर बुलंद हो रही है। यदि केंद्र सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाए, तो सीमांचल भी आत्मनिर्भर भारत का एक मज़बूत स्तंभ बन सकता है।


