09 जुलाई को कर्मचारी शिक्षकों का केन्द्र की श्रमिक विरोधी एवं जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध एकदिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल

09 जुलाई को कर्मचारी शिक्षकों का केन्द्र की श्रमिक विरोधी एवं जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध एकदिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल जे टी न्यूज़, पटना : बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शिक्षक कर्मचारी एकजुट हो 09 जुलाई को अपनी मांगों के समर्थन में उतरेंगे सड़क पर – सुबेश सिंह, महामंत्री । केन्द्रीय ट्रेड यूनियनो एवं सेवा संगठनों तथा अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर आगामी 09जुलाई को होनेवाले एकदिवसीय राष्ट्रीय हड़ताल में राज्य के कर्मचारी शिक्षक शामिल होंगे। बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुबेश सिंह ने महासंघ से जुड़े सभी कर्मचारी शिक्षक संगठनों को केन्द्र में बैठी मोदी सरकार की कर्मचारी सहित जन विरोधी श्रम नीतियों के विरुद्ध होनेवाले राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान किया है।इस अवसर पर कर्मचारियों के बीच हड़ताल को सफल बनाने की अपील करते हुए महामंत्री ने कहा कि देश में सत्तासीन मोदी सरकार का रवैया सत्ता में आने के बाद से ही कर्मचारी, किसान, यूवाओ एवं श्रमिक वर्गों के प्रति शोषणकारी एवं दमनकारी रहा है। कुछ राज्य सरकारे भी उन्हीं के पदचिह्नो पर चलते हुए कर्मियों के हितों के प्रतिकूल आचरण दिखा रहीं हैं ।साथ ही सरकारी संस्थानों को धड़ल्ले से बंद करने की साजिश रची जा रही है।वहीं चार लेबर कोड श्रमिक कानून लागू कर हडताल ,धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन के संवैधानिक अधिकार को समाप्त कर श्रमिक संगठनों के जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर उसे कुचलने का काम कर रही है। ज्ञातव्य हो कि जब-जब शिक्षक कर्मचारी एकजुट हुए है तब-तब जनविरोधी सरकारों को मजबूर होना पड़ा है।ऐसी हालत में मजदूरों कर्मचारियों को एकजुट होकर केन्द्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ 09 जुलाई को होनेवाले राष्ट्रीय हड़ताल मेंआंदोलन हेतु तैयार रहना होगा। वहीं महासंघ राज्य अध्यक्ष नीलम कुमारी ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल करने, ठेका संविदा के प्रचलन को समाप्त कर नियमित नियुक्ति करने, आठवें वेतन पुनरीक्षण समिति का गठन, बकाया महंगाई भत्ता को जारी करने की मांग जायज है। यह हड़ताल कर्मचारी मजदूरों के आंदोलन को नयी दिशा प्रदान करेगा।

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