शुरुआती मानसुनी वर्षा के कारण धान के बिछड़े एवं सब्जी की खेती में भारी नुक़सान
झारखंड राज्य किसान सभा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, झारखंड की कृषि को बचाने व मुआवजा की उठायीं मांग।
शुरुआती मानसुनी वर्षा के कारण धान के बिछड़े एवं सब्जी की खेती में भारी नुक़सान / झारखंड राज्य किसान सभा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, झारखंड की कृषि को बचाने व मुआवजा की उठायीं मांग।
जे टी न्यूज़, रांची, झारखंड : झारखंड राज्य किसान सभा ने झारखंड में रेकार्ड शुरुआती मानसुन वर्षा के कारण किसानों के धान बिछड़े एवं सब्जी की खेती में भारी नुक़सान होने के मद्देनजर सरकार शीघ्र आकलन कर पर पर्याप्त मुआवजा देने, खाद्य सुरक्षा की गारंटी करने तथा झारखंड की कृषि में सरकारी पूंजीनिवेश व कृषि सुविधाएं बाढ़ाने , दोबारा धान बिछड़े के लिए निशुल्क धान बीज एवं वैकल्पिक खेती के लिए बीज वितरण का 4 सूत्री मांगपत्र का ज्ञापन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपा गया। सरकार से इस बिषम परिस्थिति से किसानों को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया। झारखंड में खरीफ़ की धान की खेती में भारी नुक़सान का अनुमान है।इस अवसर पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो, महासचिव सुरजीत सिन्हा, संयुक्त सचिव असिम सरकार, संयुक्त सचिव दिवाकर सिंह मुंडा, राज्य कौंसिल सदस्य मदुवा कच्छप उपस्थित थे।
मांगें – निम्नलिखित हैं।
1, झारखंड में रेकार्ड शुरुआती मानसुनी वर्षा से किसानों के धान के बिछड़े एवं सब्जी की खेती की भारी नुक़सान का सरकार शीघ्र विशेष टीम बनाकर आंकलन कर पर्याप्त मुआवजा देने की गारंटी किया जाए।
2, किसानों के लिए दोबारा धान बिछड़े के लिए सरकार सभी किसानों को निशुल्क धान बीज देने की गारंटी तथा वैकल्पिक खेती के लिए बीज वितरण की गारंटी किया जाए।
3, झारखंड में खाद्य सुरक्षा की गारंटी किया जाए ।
4, झारखंड की खेती में सरकारी पूंजीनिवेश तथा अन्य कृषि सुविधाएं बढ़ाने की गारंटी किया जाए।
