सत्यनारायण सिन्हा नगर भवन समस्तीपुर बना कचरे का ढेर जिम्मेदार कौन ?
कैसे आयोजित होगी स्वर्गीय सत्यनारायण सिंहा का जयंती समारोह

जे टी न्यूज, समस्तीपुर : स्वर्गीय सत्यनारायण सिंह का जन्म समस्तीपुर जिले के शंभू पट्टी गांव में हुआ था। स्वर्गीय सत्यनारायण बाबू के प्रयास से सर्वप्रथम बड़ी लाइन उत्तर बिहार के समस्तीपुर तक पहुंचा था समस्तीपुर रेल का डीआरएम कार्यालय हेड पोस्ट ऑफिस तारघर पोस्टल का आरएमएस सेवा डायरेक्ट टेलीफोन डायल प्रणाली सबसे पहले बिहार में समस्तीपुर से प्रारंभ हुआ फिर बाद में पटना एवं अन्य स्थानों से प्रारंभ हुआ जिला पुनर्गठन में समस्तीपुर को जिला नहीं बनाया जा रहा था परंतु स्वर्गीय सत्यनारायण बाबू के द्वारा समस्तीपुर को जिला बनवाया गया इस तरह समस्तीपुर को जिला बनाने में स्वर्गीय सत्यनारायण बाबू का बहुत बड़ा सहयोग और सौजन्य था । समस्तीपुर में बाबा थानेश्वर स्थान का विशाल मंदिर निर्माण भी स्वर्गीय बाबू के द्वारा करवाया गया स्वर्गीय सत्यनारायण सिंह 1947 से 1971 तक भारत सरकार के किसी न किसी विभाग में मंत्री रहे 1971 के बाद स्वर्गीय सत्यनारायण बाबू जिस तरह समस्तीपुर को छोड़कर गए आज उसी स्थिति में समस्तीपुर मौजूद है।

जी है आपको पढ़ कर थोड़ा अटपटा लगेगा जरूर लेकिन बात समस्तीपुर नगर निगम की कर रहे है जहां जिला मुख्यालय स्थित सत्यनारायण सिन्हा नगर भवन की शोभा कचरे से होती है। आपको बताते चले कि आगामी 9 जुलाई को समस्तीपुर के महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय सत्यनारायण सिंहा की जयंती समारोह है लेकिन साफ सफाई हेतु आवेदन तमाम प्रशासनिक अधिकारियों को देने के बाद भी खबर लिखे जाने तक सत्यनारायण सिन्हा नगर भवन की सफाई और रंग रोगन का कार्य नहीं हुआ है। आखिर उस महान स्वतंत्रता सेनानी जिन्होंने समस्तीपुर को एक पहचान दिलवाया, समस्तीपुर को जिला का दर्जा दिलवाया, समस्तीपुर डाक सेवाओं को स्थापित किया सहित तमाम प्रकार से समस्तीपुर को पहचान दिलाया वैसे महान विभूति को आखिर समस्तीपुर के अला अधिकारी अनदेखा क्यों कर रहे। क्या वर्तमान मंत्री और नेता के आगमन पर समस्तीपुर को दुल्हन की तरह आखिर क्यों सजाया जाता है पता है नहीं न तो रुकिए आपको ले चलते है समस्तीपुर के सत्यनारायण सिन्हा नगर भवन के साफ सफाई का जायजा लेने जब झंझट टाइम्स के संवाददाता पहुंचे तो देखा कि स्वर्गीय सत्यनारायण सिंहा की जयंती में महज चंद दिन बचे है लेकिन साफ सफाई के नाम पर कुछ नहीं और तो और अगर कोई कार्यक्रम सत्यनारायण सिन्हा नगर भवन में आयोजित होती है तो टेंट लगा कर खाना पूर्ति की जाती है।

सवाल उठता है कि क्या समस्तीपुर नगर निगम के पास सत्यनारायण सिन्हा नगर भवन के जीर्णोद्धार हेतु राशि आवंटित नहीं हुआ अगर हुआ तो जीर्णोद्धार क्यों नहीं। तो क्या टेंट के सहारे और बिना साफ सफाई के कैसे स्वर्गीय सिन्हा की जयंती मनाई जाएगी। स्वर्गीय सिन्हा के साथ अनदेखा क्यों । आप भी सोचिए और सवाल कीजिए ।

