यूभीके कॉलेज कड़ामा बन रहा है बिहार का एजुकेशन रोल मॉडल?

यूभीके कॉलेज कड़ामा बन रहा है बिहार का एजुकेशन रोल मॉडल?

जे टी न्यूज, पुरैनी:
यूभीके महाविद्यालय कड़ामा ने उन सभी परंपराओं को तोड़ा है, जो परीक्षा केंद्र चालू होते ही शिक्षण कार्य को ठप कर देती हैं। जहां आमतौर पर परीक्षा के समय कॉलेजों में शिक्षण गतिविधियां स्थगित कर दी जाती हैं, वहीं यूभीके महाविद्यालय कड़ामा ने एक नया उदाहरण पेश किया है। यहां परीक्षा केंद्र चालू होने के बावजूद, प्रातः कालीन सत्र में स्नातक प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर की कक्षाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं।

विशेष बात यह है कि स्नातक द्वितीय सेमेस्टर के वे छात्र-छात्राएं जो परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए थे, उनके लिए भी पुनः नामांकन के बाद विशेष कक्षाएं प्रारंभ की गई हैं। यह एक समावेशी और संवेदनशील शैक्षणिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

*प्रशासनिक विवेक:*

महाविद्यालय की शैक्षणिक समिति ने प्रयास किया था कि ऐसे छात्रों को एक दिन का अवसर मिल सके, परंतु विश्वविद्यालय की परीक्षा संचालन समिति के दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक मजबूरियों के कारण यह संभव नहीं हो पाया ।

*’एग्जाम देना है, पर बिना नामांकन’ — कॉलेज ने कहा: Not Allowed!*

कुछ छात्र बिना दोबारा नामांकन, बिना 75% उपस्थिति और बिना सी आई परीक्षा में बैठना चाहते थे।लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कहा कि “नियम से समझौता नहीं, भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब प्रक्रिया पूरी हो।”

*शांति समिति की अपील:*
“छात्र-छात्राएं नियमों का पालन करें। सीआईए और नामांकन प्रक्रिया पूरी करें। परीक्षा में भाग लेने की पात्रता इन्हीं मानकों पर आधारित है।”

*उपस्थिति का रिकॉर्ड नया, छात्रों में जिज्ञासा और शिक्षकों में उत्साह*

प्रातः कालीन कक्षाओं में छात्रों की अपार उपस्थिति दर्ज की जा रही है। विषयवार कक्षाओं में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है, जो महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।
शिक्षक भी इस नई ऊर्जा से उत्साहित हैं और इसे कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा के दूरदर्शी नेतृत्व का प्रतिफल मान रहे हैं।

*अनमोल ने बढ़ाया मान: शतरंज प्रतियोगिता में चौथा स्थान*

महाविद्यालय की बीसीए की छात्रा अनमोल कुमारी ने हाल ही में भूपेंद्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, साहूगढ़ में आयोजित अंतर-महाविद्यालय शतरंज प्रतियोगिता में 13 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों के बीच चौथा स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय का नाम रोशन किया।

*सम्मान समारोह में गौरव:*
उन्हें महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. माधवेंद्र झा, पीटीआई नेहरू प्रसाद चौधरी एवं अन्य प्राध्यापकों द्वारा स्मृति-चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
*डॉ. झा ने कहा:*
“यूभीके महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं सिर्फ शैक्षणिक नहीं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी अग्रणी हैं। महाविद्यालय सभी सुविधाएं देकर उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करता है।”

*यूभीके मॉडल: अनुशासन, अवसर और उत्साह का समावेश*
कक्षा संचालन परीक्षा के दौरान भी क्लास सुचारू रूप से संचालित
वंचित छात्रों के लिए अवसर विशेष कक्षाएं और पुनः नामांकन की सुविधा
परीक्षा में सख्ती बिना CIA और उपस्थिति के परीक्षा में अनुमति नहीं
छात्रों की भागीदारी नियमित कक्षा, प्रश्नोत्तर, नोट्स बनाना, उपस्थिति फुल
खेल में उपलब्धि शतरंज प्रतियोगिता में चौथा स्थान, सम्मान समारोह
नेतृत्व कुलपति के मार्गदर्शन में कार्यसंस्कृति में सुधार

*शिक्षा का नया मानक स्थापित कर रहा यूभीके महाविद्यालय*

यूभीके कॉलेज कड़ामा ने यह साबित कर दिया है कि परीक्षा और शिक्षा एक-दूसरे के विकल्प नहीं, पूरक हो सकते हैं।
यहां केवल पढ़ाई नहीं हो रही, एक नई सोच का निर्माण भी हो रहा है — जिसमें अनुशासन, समावेश, अवसर और परिणाम, सब एकसाथ हैं। यह महाविद्यालय अब केवल डिग्री देने वाला संस्थान नहीं, बल्कि संभावनाओं का मंच बन चुका है।

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